Home » अजब गजब » Unique Stone Of This Village In Jaisalmer Turn Milk Into Curd
 

इस गांव में मिलता है ऐसा पत्थर जो दूध को बना देता है दही, देखने वाले हर जाते हैं दंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 November 2018, 13:27 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

राजस्थान दुनियाभर में अपने पर्यटन के लिए जाना जाता है, यही वजह है कि भारत में आने वाले हर तीन में से दो पर्यटक राजस्थान घूमने जरूर जाते हैं. जैसलमेर भी राजस्थान का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जिसे स्वर्णनगरी के नाम से भी जाना जाता है. यहां का पीला पत्थर अपनी पहचान देश-विदेश में बना चुका है.

जैसलमेर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित हाबूरगांव में ऐसा पत्थर पाया जाता है. जो बहुत अद्भुत है. इस पत्थर के बारे में जान कर आप हैरान हो जाएंगे. ये पत्थर दूध को जमाकर दही में बदल देता है. अामतौर पर हम लोग दूध से दही जमाने के लिए छाछ का प्रयोग करते हैं. लेकिन राजस्थान के इस गांव की कहानी थोड़ी अलग है. यहां पर लोग दूध से दही जमाने के लिए सैकड़ो सालों से इस चमत्कारी पत्थर का प्रयोग करते आ रहे हैं.

प्रतीकात्मक फोटो

वैसे इस गांव का नाम हाबूर लेकिन वर्तमान में इसे पूनमनगर के नाम से जाना जाता है. इस गांव का पत्थर अपने अंदर कई खूबियां समेटे हुए है. इस पत्थर को स्थानीय भाषा में 'हाबूरिया भाटा' भी कहा जाता है. यही वह चमत्कारी पत्थर है, जिससे इस गांव के लोग दही जमाते हैं. इस पत्थर के संपर्क में आते ही दूध जम जाता है. यह पत्थर अपनी इस विशेष खूबी की वजह से देश-विदेश में काफी लोकप्रिय है. यहां आने वाले सैलानी हाबूर पत्थर के बने बर्तन भी अपने साथ ले जाते हैं. इस पत्थर से बने बर्तनों की मांग यहां हमेशा बनी रहती है.

कुछ रिसर्च  में पता चला कि इस पत्थर में दही जमाने के वो सभी कैमिकल मौजूद हैं. जो दूध को दही में बदल देते हैं. इस पत्थर में एमिनो एसिड, फिनायल एलिनिया, रिफ्टाफेन टायरोसिन हैं. बता दें कि यही कैमिकल दूध से दही जमाने में सहायक होते हैं. यही नहीं इस पत्थर से जमने वाला दही मीठा और सौंधी खुशबू वाला होता है.

प्रतीकात्मक फोटो

इस पत्थर से बने बर्तनों में जमा दही और उससे बनने वाली लस्सी के देश-विदेश के पर्यटक दीवाने हैं. हाबूर गांव के भूगर्भ से निकलने वाले इस पत्थर में कई खनिज व अन्य जीवाश्मों की भरमार है जो इसे चमत्कारी बनाते हैंकहा जाता है कि राजस्थान के यह रेगिस्तानी जिला जैसलमेर पहले अथाह समुद्र हुआ करता था और इसके सूखने के बाद कई समुद्री जीव यहां जीवाश्म बन गए.

उसके बाद वो पहाड़ों मे तब्दील हो गएइस गांव में मिलने वाले इस पत्थर से बर्तन, मूर्ति और खिलौने बनाए जाते हैं. ये हल्का सुनहरा और चमकीला होता है. इससे बनी मूर्तियां लोगों को खूब आकर्षित करती हैं. ग्रामीणों के मुताबिक यह पत्थर ताजमहल सहित कई जगहों पर लगा हुआ है.

ये भी पढ़ें- पायलट बना इस गांव का लाल, तो पूरे गांव को हवाई जहाज में घुमाकर दिया तोहफा

First published: 11 November 2018, 13:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी