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ये था दुनिया का सबसे छोटा सीरियल किलर, जिसने मजे-मजे में की थी कई हत्याएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 March 2020, 15:11 IST

Worlds youngest serial killer: आपने अबतक दुनिया के तमाम सीरियल किलर्स (Serial Killer) के बारे में सुना होगा, जिन्होंने लोगों को दर्दनाक मौत (Brutal Murder) दी होगी और कई लोगों को मौत के घाट उतारा होगा. आज हम आपको एक ऐसे सीरियल किलर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दुनिया का सबसे छोटा सीरियल किलर (Worlds youngest serial killer) माना जाता है. इस सीरियल किलर की उम्र केवल आठ साल (Eight Year) थी और ये भारत का रहने वाला था.

दरअसल, बिहार (Bihar) के बेगूसराय (Begusarai) के आठ साल के एक बच्चे को दुनिया का सबसे छोटा सीरियल किलर माना जाता है. क्योंकि जब इसने हत्याएं की तो उसकी उम्र महज आठ साल थी. इसीलिए इसे मिनी सीरियल किलर भी कहा जाता है. इस मिनी सीरियल किलर ने कुल तीन बच्चों को दर्दनाक मौत दी थी, इन तीनों की उम्र एक साल से भी कम थी.


इस बच्चे का जन्म साल 1998 में बेगूसराय के एक गांव में हुआ था. उसके पिता मजदूरी किया करते थे. जब वह साल 2007 में केवल आठ साल का था तब उससे सबसे पहली हत्या की थी. उसने सबसे पहले अपने एक चचेरे भाई को मार डाला. इसके कुछ ही दिन बाद उसने दूसरा कत्ल अपनी सगी बहन का किया, जो उस वक्त केवल छह महीने की थी. 

बताया जाता है कि इस बच्चे ने दोनों की हत्या खपरैल से पीट-पीट कर की थी. सबसे हैरानी की बात ये थी कि उसके घरवाले भी जानते थे उससने ही दोनों बच्चों को मारा है. बावजूद इसके उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया था. हालांकि उन्होंने उसे कत्ल करते नहीं देखा था, लेकिन उन्हें शक हो गया था. इसका नतीजा ये हुआ कि दो या तीन महीने बाद उसने एक और बच्ची की हत्या कर दी. जिसकी उम्र भी एक साल से कम ही थी, लेकिन इस बार वह पकड़ा गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

बता दें कि जब इस बच्चे ने तीसरा कत्ल किया तो पुलिस ने उस मामले की छानबीन शुरु की. क्योंकि बच्ची की शव नहीं मिला था. इसलिए पुलिस ने गायब होने की रिपोर्ट लिखी थी. जिस बच्ची का कत्ल हुआ था, उसकी मां को ये शक था उसी बच्ची ने उनकी बेटी की हत्या की है. क्योंकि वो उस समय उसी जगह पर मौजूद था. जहां बच्ची को आखिरी बार देखा गया था. पहले तो पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि एक आठ साल का बच्चा कैसे बता सकता है कि बच्ची कैसे गायब हुई. हालांकि बाद में जब बच्ची की मां की ओर से दबाव बढ़ा तो पुलिस बच्चे को पूछताछ के लिए ले गई.

पुलिस ने जब उससे बच्ची के गायब होने के बारे में पूछा तो वह हंसता रहा. पुलिस जितनी बार उससे पूछती, वह हंसता ही रहता. आखिरकार काफी देर के बाद उसने सच उगल दिया. और उसने बच्ची को बताया कि उसने बच्ची को खपरैल से मार दिया. इसके बाद पुलिस ने पूछा कि कि उसकी लाश कहां है, तो वह उन्हें एक खेत में ले गया, जहां से बच्ची की लाश बरामद की गई. अब पुलिस असमंजस में पड़ गई कि आखिर इतना छोटा बच्चा किसी का कत्ल कैसे कर सकता है और क्यों करेगा?

इस बारे में उससे पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उसे उन्हें मारने में मजा आता था. जब वो रोते थे तो उसे अच्छा लगता था. उसके बाद पुलिस ने उसे डॉक्टरों को दिखाया, जहां जांच के बाद पता चला कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी, उसे कंडक्ट डिसऑर्डर था. 

मनोविशेषज्ञों के मुताबिक, इस डिसऑर्डर में बच्चे काफी उदास-उदास से रहते हैं और उन्हें दूसरे लोगों को चोट पहुंचा कर खुशी मिलती है. उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता कि उनके ऐसा करने से दूसरों पर क्या असर पड़ता है. भारतीय कानून के मुताबिक, इस बच्चे को कोर्ट ने बाल सुधार गृह में भेजा गया. जहां दूसरे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उसे अलग कमरे में रखा गया. कहते हैं कि कई साल के बाद उसे छोड़ दिया गया, लेकिन अब वो कहां है, किस हाल में इसके बारे में कोई नहीं जानता.

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First published: 19 March 2020, 15:11 IST
 
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