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बिहार के अस्पतालों में इस खतरनाक बीमारी का कहर, अब तक 43 बच्चों मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2019, 13:06 IST

इस महीने में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के दो अस्पतालों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित होने के बाद 10 साल से कम उम्र के 43 बच्चों की मौत हो गई. राज्य सरकार ने मौत के कारण के रूप में एईएस का उल्लेख नहीं किया है और इसके बजाय उनमें से अधिकांश के लिए हाइपोग्लाइसीमिया को जिम्मेदार ठहराया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपोग्लाइसीमिया एईएस का एक पहलू है. केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम जल्द ही अस्पतालों का दौरा करके दिशानिर्देश जारी कर सकती है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अस्पताल मामलों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करें.

 

इस साल जनवरी के बाद से 10 वर्ष से कम आयु के 172 बच्चों को दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया, उनमें से 43 मौतें हुई हैं. श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) ने जनवरी से अब तक ऐसे 117 मरीजों को भर्ती किया भर्ती किया, इनमें से 102 जून में भर्ती हुए थे और उनमें से 36 की मौत हो गई थी.

केजरीवाल मातृसदन ने 1 जून से 55 एईएस मामलों को भर्ती किया और उनमें से सात बच्चों की मौत हो गई. वर्तमान में केजरीवाल मातृसदन में चार और एसकेएमसीएच में छह बच्चे गंभीर हालत में हैं. अस्पतालों ने इलाज के बाद एईएस वाले 41 बच्चों को छुट्टी दे दी है. SKMCH में वर्तमान में एईएस के साथ 53 बच्चे हैं, जिनमें से अधिकांश शहर और आसपास के गरीब परिवारों से हैं.

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First published: 13 June 2019, 13:06 IST
 
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