Home » बिहार » Bihar: Lalu Yadav's M-Y Equation crucial for floor test as 16 JDU MLA's next target
 

पिक्चर अभी बाक़ी है: नीतीश के 'लाल' चलेंगे लालू के लिए 'चाल'!

सुधाकर सिंह | Updated on: 27 July 2017, 12:44 IST
फाइल फोटो

लंबे अरसे तक बिहार की सत्ता पर काबिज रहे लालू प्रसााद यादव की जीत की सबसे बड़ी कुंजी है एम-वाई समीकरण. जी हां मुस्लिम-यादव समीकरण, जो हर चुनाव में लालू के साथ खड़ा रहा है.

इसी तुरुप के पत्ते से लालू ने बिहार में बार-बार सरकार बनाई. दो साल पहले भी लालू ने इस समीकरण की बदौलत मोदी की लहर को बिहार में रोक दिया. लेकिन बुधवार को बिहार में 20 महीने पुराना महागठबंधन टूट गया और लालू के साथी नीतीश अब भाजपा के साथ खड़े हैं.

ऐसे में 28 जुलाई को बिहार विधानसभा में होने वाला शक्ति परीक्षण काफ़ी दिलचस्प है. ख़ास बात ये है कि इस बार लालू नहीं नीतीश कुमार के लिए M-Y समीकरण अहम है.

इसकी वजह भी बिल्कुल साफ़ है. दरअसल महागठबंधन के साथ दो साल पहले चुनाव लड़ते हुए जेडीयू ने 71 विधानसभा सीटें हासिल की थीं. इनमें से पांच मुस्लिम और 11 यादव विधायक ऐसे हैं, जो नीतीश से बग़ावत करके लालू के साथ जा सकते हैं.

अगर ये विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान लालू के पाले में गए, तो नीतीश के लिए सरकार बचाना मुश्किल हो सकता है. हालांकि डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने दावा किया है कि नीतीश कुमार के पास एनडीए और जेडीयू समेत कुल 132 विधायकों का समर्थन है.

बहुमत के लिए बिहार विधानसभा में नीतीश को 122 विधायकों का समर्थन चाहिए. सदन में कुल 243 विधायक हैं. इनमें राजद के 80 और कांग्रेस के 27 विधायक हैं. इसके अलावा भाजपा के 53, आरएलएसपी के दो, लोजपा के दो और हम के एक विधायक हैं. वहीं निर्दलीय और अन्य पार्टियों के सात एमएलए हैं. 

नीतीश कुमार भाजपा के साथ जाने के फैसले का जेडीयू में ही विरोध हो रहा है. नीतीश ने कहा था कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज़ पर फैसला लिया, वहीं उन्हीं की पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद अली अनवर का कहना है कि उनकी अंतरात्मा इस फैसले के साथ नहीं है.

यही नहीं शरद यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि नीतीश ने जल्दबाज़ी में भाजपा के साथ दोस्ती का फैसला लिया. शरद यादव भी अगर नीतीश का साथ छोड़ते हैं, तो यादव और मुस्लिम समुदाय के दो कद्दावर जेडीयू नेता बहुमत परीक्षण के दौरान खेल बिगाड़ भी सकते हैं. इन दोनों नेताओं का पार्टी के अंदर अच्छा असर है. ज़ाहिर है इस बार लालू यादव नहीं, नीतीश कुमार के M-Y (मुस्लिम-यादव) विधायक बाज़ी पलटने की ताक़त रखते हैं.

First published: 27 July 2017, 12:32 IST
 
सुधाकर सिंह @sudhakarsingh10

कैच हिंदी टीम, वो अमीर हैं निज़ाम-ए-जहां बनाते हैं, मैं फ़क़ीर हूं मिज़ाज-ए-जहां बदलता हूं...

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