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बिहार टॉपर्स घोटाला: अभियुक्त दिवाकर प्रसाद की संदिग्ध मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 December 2016, 9:20 IST
(कैच)

बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा से जुड़े टॉपर्स घोटाले में अभियुक्त दिवाकर प्रसाद की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. गुरुवार को पटना के पंचवटी नगर स्थित घर से पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी.

स्मृति इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर दिवाकर प्रसाद की इस दौरान पुलिस से कहासुनी हुई. परिजनों का कहना है कि इस दौरान छत से गिरकर दिवाकर की मौत हो गई.

दिवाकर के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने दिवाकर के साथ मारपीट की और उन्हें मकान की तीसरी मंजिल से धक्का दे दिया, इसी वजह से उनकी मौत हो गई. वहीं पुलिस की कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए भागते वक्त वे छत से गिर गए.

पुलिस पर छत से फेंकने का आरोप

इससे पहले दिवाकर के दीदारगंज स्थित स्मृति इंटरप्राइजेज में एसआईटी ने छापा मारकर कॉपी जब्त की थी. दिवाकर की बेटी का कहना है कि पिता के चिल्लाने पर जब भैया छत पर गए, तो पुलिस ने उन्हें नीचे जाने को कहा. थोड़ी देर बाद पुलिस ने उनके पिता को तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया.

दिवाकर के पुत्र विक्रम उर्फ विक्की पिता को बहादुरपुर आरओबी के पास नर्सिंग होम में ले गए. जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई.

पढ़ें: बिहार टॉपर्स कांड: मुख्य अभियुक्त बच्चा राय गिरफ्तार

दिवाकर के परिवार वालों का यह भी कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी का सीडीआर पुलिस ने जब्त कर लिया है. पुलिस का अपनी सफाई में कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में दिवाकर की पिटाई करते या फेंके जाने का कोई दृश्य नहीं है.

वरिष्ठ पुलिस अफसरों के पहुंचने के बाद दिवाकर के शव का पीएमसीएच में पोस्टमार्टम हुआ. इस दौरान वीडियोग्राफी भी हुई. एसएचओ ओमप्रकाश का कहना है कि दिवाकर के पुत्र विक्रम उर्फ विक्की ने कोतवाली थाना के देवकांत वर्मा समेत पांच पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया है. 

क्या है टॉपर्स घोटाला?

बिहार के चर्चित टॉपर कांड के मुख्य अभियुक्त बच्चा राय को इस साल जून में पुलिस ने दबोच लिया था. मामले की जांच कर रही एसआईटी ने इससे पहले विशुन राय कॉलेज को सील कर दिया था.

टॉपर्स विवाद में पुलिस ने पटना कोतवाली में केस दर्ज किया था, जिसमें चार छात्रों के अलावा बच्चा राय का नाम भी शामिल था.

बिहार में इंटरमीडिएट के टॉपर्स का विवाद एक बड़ा मुद्दा बन चुका है. एक निजी चैनल की रिपोर्ट में दिखाया गया था कि टॉप करने वाले कुछ छात्रों से जब विषय से जुड़े आसान सवाल पूछे गए, तो वो उसका भी जवाब नहीं दे सके.

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इस मामले में सवाल उठने के बाद बिहार स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और सचिव हरिहर नाथ झा ने इस्तीफा दे दिया था.  

बच्चा राय की बेटी शालिनी राय के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था. दरअसल टॉपर्स का विवाद सामने आने के दस दिन के बाद खुलासा हुआ कि साइंस में फर्स्ट टॉपर शालिनी है, सौरभ श्रेष्ठ नहीं.

दरअसल बोर्ड के टॉपर्स की लिस्ट में शालिनी का नाम नहीं है, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पटना कोतवाली में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें टॉपर के नाम की जगह पर शालिनी राय का नाम दर्ज है.

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सौरभ श्रेष्ठ का नाम साइंस के सेकंड टॉपर के तौर पर दर्ज है. वहीं राहुल का नाम फोर्थ टॉपर के रूप में लिखा है. विशुन राय कॉलेज के प्रिंसिपल अमित सिंह उर्फ बच्चा की बेटी शालिनी राय ने इंटमीडिएट साइंस की परीक्षा में टॉप किया था.

नाम सामने आने पर हंगामा खड़ा होने से बचाने के लिए उसके नाम को छुपा दिया गया. शालिनी राय ने 2014 में मैट्रिक की परीक्षा में भी टॉप किया था. उस वक्त भी रिजल्ट पर सवाल उठे थे. वहीं गड़बड़ी के बाद आर्ट्स की टॉपर रूबी राय का रिजल्ट भी रद्द हो गया था.

First published: 9 December 2016, 9:20 IST
 
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