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लालू के मंत्री बेटे तेज प्रताप की पेट्रोल पंप डीलरशिप पड़ी खटाई में

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 June 2017, 11:24 IST

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू यादव के मंत्री बेेटे तेज प्रताप यादव के पेट्रोल पंप की डीलरशिप खटाई पड़ती नजर आ रही है. पेट्रोल पंप मामले में भारत पेट्रोलियम कोरपोरेशन ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को नोटिस जारी किया है.

नोटिस के क्लॉज नंबर 7 का हवाला देते हुए लिखा गया है, 'डीलरशिप के लिए उसी आवेदनकर्ता का चयन किया जाता है जो डीलरशिप से जुड़े हुए दिन प्रतिदिन के काम का ध्यान रखे और उन्हें संभाल सके. वह किसी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होंगे. अगर पेट्रोल पंप के लाइसेंस के लिए चयनित शख्स के पास पहले से रोजगार है तो उसे डीलर के रूप में नियुक्ति से पहले रोजगार से इस्तीफा देना होगा.'

इस लिहाज से पेट्रोल पंप की डीलरशिप रखने के लिए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप को अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा.

इसके अलावा मंत्री तेज प्रताप पर गैरकानूनी तरीके से पेट्रोल पंप आवंटित कराने का भी आरोप है. तेज प्रताप ने को 2011 में पटना के बेउर के पास न्यू बाइपास रोड पर भारत पेट्रोलियम का एक पेट्रोल पंप आवंटित किया गया था.

नोटिस जारी करके बीपीसीएल ने इस मामले में तेज प्रताप से जवाब मांगा है. इस मामले में जवाब देने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है. अगर वह इन सवालों का जवाब नहीं दे पाते हैं तो उनके पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द हो सकता है.

पेट्रोल पंप आवंटन को लेकर बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप को 2011 में पटना के बेउर के पास न्यू बाइपास रोड पर भारत पेट्रोलियम का एक पेट्रोल पंप आवंटित किया गया. इससे पहले तेल कंपनी के एक अधिकारी के साथ साठगांठ करके फर्जी कागजात तैयार किए गए.

मोदी ने कहा कि तेज प्रताप जब 2011 में पेट्रोल पंप के लिए एक साक्षात्कार के लिए पेश हुए तब उनके पास न्यू बाइपास रोड पर 43 डिसमिल भूमि नहीं थी. एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने नौ जनवरी 2012 को इसी स्थान पर 136 डिसमिल भूमि तेज प्रताप के छोटे भाई और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को पेट्रोल पंप खोलने के लिए पट्टे पर दी. उन्होंने कहा कि पट्टानामा के मुताबिक तेजस्वी इस भूमि को उपपट्टे पर नहीं दे सकते हैं.

बीजेपी नेता ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए कहा था, “तेज प्रताप को कैसे पेट्रोल पंप आवंटित किया जा सकता है, जब न भूमि और न ही भूमि का पट्टा उनके नाम पर था? मामले की संपूर्ण जांच होनी चाहिए. मैं मामले की जांच कराने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान से अनुरोध करूंगा.”

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री तेज प्रताप यादव को गैरकानूनी तरह से पेट्रोल पंप का आवंटन किया गया, जो नियमों से परे था.

First published: 1 June 2017, 11:24 IST
 
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