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सत्ता में आने के बाद PM मोदी चंपारण आये तो सबसे बड़ा वादा ही भूल गए

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2018, 17:43 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भाग लेते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों का जोरशोर से जिक्र लिया. इस दौरान उन्होने कहा कि जिस तरह उनकी सरकार ने टॉयलेट निर्माण कार्य को अंजाम दिया वह एक बड़ी उपलब्धि है. पीएम मोदी के भाषण को सुनने वालों में बड़ी संख्या में वो मजदूर भी थे जिन्हें 2014 में किये पीएम मोदी का वह वादा भी याद था जो उन्होंने शुगर मिलों को लेकर किया था. 

सत्याग्रह समारोह के पास धरने पर बैठी उन मजदूरों की विधवाएं भी शामिल थी जिन्होंने शुगर मिल बंद होने के बाद आत्महत्या कर ली थी. ये विधवाएं यहां पीएम मोदी के मुंह से उस वादे के बारे में सुनना चाहती थी जो उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान किया था.

प्रधानमंत्री मोदी जब यहां आये थे तब उन्होंने वादा किया था कि सत्ता में आने के सौ दिनों के भीतर बंद हुई चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का वादा किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि ''अगली बार आऊंगा तो अभी बंद पड़ी चीनी मिल की चीनी से बनी चाय पियूंगा. अब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने चार साल से ज्यादा हो गए लेकिन स्थिति अभी वैसी ही बनी हुई है.''

साल 2014 के बाद से तो हालात और भी बद्तर हो गए हैं. पिछले साल 10 अप्रैल को हनुमान चीनी मिल में काम करने वाले नरेश श्रीवास्तव और सूरज बेथा ने आत्महत्या कर ली. मोतीहारी के पूर्वी चंपारण जिले की दो मिलों पर भी जल्द ही बंद होने का खतरा मंडरा रहा है. श्रमिकों के पास आजीविका नहीं है और वे संघर्ष कर रहे हैं. दोनों मजदूरों की मौत के ठीक एक साल बाद पीएम यहां दौरा कर रहे हैं. दोनों कर्मियों की पत्नियां पूर्णिमा श्रीवास्तव और माया देवी शनिवार से मिल के गेट पर अनशन कर रही हैं.

ख़बरों की माने में मोतिहारी की शुगर मिलों पर  लगभग 80 करोड़ का मजदूरों का बकाया है. जब्कि चंपारण सत्याग्रह सताब्दी समारोह के समापन पर आयोजित हुए  समारोह पर  150 करोड़  से ज्यादा खर्च  होने का अनुमान है. विधवा माया देवी का कहना है कि 'हमारे लिए कुछ भी बदला नहीं है. कोई मुआवजा नहीं मिला, पिछला वेतन भी नहीं मिला है.

उनका कहना है कि हमें इंसाफ चाहिए और हमें प्रधानमंत्री से उम्मीद है कि वह हमें इंसाफ देंगे. एक रिपोर्ट के अनुसार 'स्थानीय नेता विनोद श्रीवास्तव ने कहा, 'मोदी के दौरे में 200 करोड़ का खर्चा होगा. केवल टेंट का खर्चा 20 करोड़ है. इतने पैसे इन मिल कर्मियों के लिए बहुत हैं लेकिन बीजेपी और इसके नेता सिर्फ बोलने का काम करते हैं. 

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First published: 10 April 2018, 17:40 IST
 
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