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तेजस्वी-नीतीश मिलन...लेकिन महागठबंधन का मांझी कौन ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 July 2017, 17:25 IST
कैच न्यूज़

बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद भले ही विवाद शांत होता दिख रहा है, फिर भी महागठबंधन में स्थिति पूरी तरह सहज हो गई है, ऐसा नहीं कहा जा सकता. राजद के नेता इस मुलाकात के बाद दावा कर रहे हैं कि संवादहीनता समाप्त होते ही सबकुछ सामान्य हो गया है.

पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने बुधवार को लालू प्रसाद से उनके आवास पर मुलाकात के बाद दावा किया कि तेजस्वी और नीतीश की मुलाकात बाद सभी विवाद समाप्त हो गए हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कहीं कोई विवाद था ही नहीं, यह तो केवल संवादहीनता थी. 

जेडीयू ने मुलाकात के बाद साधी चुप्पी

इस मुलाकात के बाद जद (यू) के नेताओं ने चुप्पी साध ली है. जद (यू) के प्रवक्ता संजय सिंह से इस संदर्भ में पूछने पर उन्होंने कहा कि अभी इस मामले पर वह कुछ नहीं बोलेंगे. जद (यू) के एक अन्य प्रवक्ता अजय आलोक इतना जरूर कहते हैं कि मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल का कोई भी सदस्य मिल सकता है. इसमें कोई बात नहीं है.

वैसे, जद (यू) के एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा, "पार्टी अभी भी अपनी मांगों पर कायम है. तेजस्वी को सबूत के साथ जनता के सामने आरोपों पर सफाई देनी ही होगी, अपनी संपत्ति के स्रोत सामने रखने ही होंगे." 

'जीरो टॉलरेंस से नीतीश ने किया समझौता'

गौरतलब है कि मंगलवार देर शाम बिहार मंत्रिमंडल की बैठक के बाद तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं के बीच करीब आधा घंटे तक बातचीत हुई थी. इधर, इस मुलाकात के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार की रहस्यमयी चुप्पी पर चुटकी लेते हुए कहा है कि नीतीश अपने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति से समझौता कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जद (यू) को नीतीश और तेजस्वी की हुई बातों को सार्वजनिक करना चाहिए.

तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री और उनके बेटे तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने सात जुलाई को पटना सहित देशभर के 12 स्थानों पर छापेमारी की थी.

यह मामला साल 2004 का है, जब लालू देश के रेल मंत्री थे. आरोप है कि उन्होंने रेलवे के दो होटलों को एक निजी कंपनी को लीज पर दिलाया और उसके एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई. इसके बाद जद (यू) ने तेजस्वी से जनता के सामने आरोपों पर तथ्यों के साथ सफाई देने की मांग रखी है.

लालू यादव कह चुके हैं कि तेजस्वी का इस्तीफ़ा किसी सूरत में नहीं होगा. वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील मोदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि तेजस्वी ने 26 साल की उम्र में 26 संपत्ति बनाई हैै.

(स्रोत- आईएएनएस)

First published: 19 July 2017, 17:22 IST
 
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