Home » बिहार » Fodder case: Jharkhand HC rejects Lalu Prasad Yadav bail plea on Rs 89.27 lakh from Deoghar fodder scam of the 1990
 

लालू को जेल में मनानी पड़ेगी होली, झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत याचिका ठुकराई

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 February 2018, 16:20 IST

झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका दिया. लालू प्रसाद यादव को इस बार होली जेल में ही मनानी होगी. हाईकोर्ट में 950 करोड़ रूपये के दूसरे मामले में याचिका के दौरान ये फैसला सुनाया. ये घोटाला 1990 में हुआ था.

इस मामले में लालू को तीन साल छह महीने की सजा सुनाई गई थी. रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 6 जनवरी 2008 को लालू को ये सजा सुनाई थी. सजा की अवधि तीन साल से ज्यादा होने के कारण उन्हें तब कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी.

दोषी ठहराए जाने के एक हफ्ते बाद लालू ने जमानत की अपील की थी. लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चारा घोटाले के 6  मामले में केस चल रहा है, ये उनमें से एक मामला है. जेल के अलावा लालू पर 10 लाख और 5 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया गया था. इसे ना भरने पर उन्हें 6 महीने की सजा और जेल में गुजारनी होगी.

लालू यादव और 15 अन्य लोगों को पिछले साल सीबीआई कोर्ट ने साल 1991 से 1994 के दौरान देवघर कोषागार से फर्जा तरीके से 89.27 लाख रूपये निकालने के आरोप में दोषी पाया था. लालू यादव को चारा घोटाले के एक मामले में सबसे पहले साल 2013 में सजा सुनाई गई थी.

इस सजा के बाद लालू यादव अगले 11 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक जिस राजनेता को कोर्ट ने 2 साल से अधिक की सजा सुनाई है वो अगले 6 साल तक किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकता है. लालू ने इस सजा के खिलाफ अपील की है.

इस साल जनवरी 24 को लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के तीसरे मामले में 5 साल की सजा सुनाई गई थी. ये मामला चाईबासा जिले का था. लालू ने साल 1992-93 में अन्य दोषियों के साथ मिलकर अवैध तरीके से चाईबासा के कोषागार से फर्जी तरीके से  33.67 करोड़ रूपये निकाले थे. चाईबासा अब झारखंड में है.

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First published: 23 February 2018, 16:20 IST
 
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