Home » बिहार » Former ministers Kanti singh and Raghunath Jha accept the they given land to Lalu yadav
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा और कांति सिंह का कबूलनामा- लालू परिवार को दी हैं ज़मीनें

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2017, 17:06 IST
Lalu Yadav

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी के द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर जमीन घोटाले का आरोप लगाने के बाद अब राजद नेताओं के द्वारा बचाव किया जा रहा है.

इसी मामले में शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा और कांति सिंह ने आरजेडी प्रमुख लालू यादव के परिवार को जमीन देने की बात स्वीकार की,  लेकिन साथ ही भाजपा नेता सुशील मोदी के आरोप को पूरी तरह से निराधार भी बताया.

सुशील मोदी ने लालू यादव पर आरोप लगाया था कि रघुनाथ झा और कांति सिंह ने केंद्रीय मंत्री बनने के लिए अपनी जमीन राजद प्रमुख लालू को तोहफे में दी थी.

सुशील मोदी के आरोपों के मुताबिक पटना जिले के दानापुर में करीब 41,400 स्कॉयर फीट जमीन लालू की पत्नी राबड़ी देवी के नाम लीज पर दी गई. 99 साल के लिए इसका किराया 1250 रुपये महीना तय किया गया था.

मोदी के इन आरोपों पर सफाई देते हुए कांति सिंह ने कहा कि आरजेडी 2005 में चुनाव हार गई थीं. लालू के पास 100 से ज्यादा गाय थी, जिन्हें रखने के लिए ये जमीन उनके परिवार को लीज पर दी गई थी.

कांति सिंह ने कहा कि बाद में 2010 में ये जमीन राबड़ी देवी को बेच दी क्योंकि लोकसभा चुनाव में हारने की वजह से उन्हें 1 करोड़ रुपये की जरूरत थी.

वहीं रघुनाथ झा के बेटे अजीत कुमार झा ने भी कहा है कि लालू परिवार को उनके पिता के द्वारा जमीन दी गई थी, लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

अजीत झा ने कहा कि जमीन मेरी, हम उसको किसे गिफ्ट करें, उससे किसको क्या मतलब है. उन्होंने कहा कि उनके पिता केंद्र सरकार के अलावा बिहार सरकार में कई औहदों पर रहे हैं और उन्होंने राजीनितक करीयर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है.

गौरतलब है कि बिहार सरकार की ओर से कथित मिट्टी घोटाले में लालू परिवार को क्लीन चिट दिए जाने के बाद सुशील मोदी ने नया आरोप लगाया था.

लालू को कथित मिट्टी घोटाले में उस वक्त राहत मिली जब बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय संचिका के अध्ययन में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई है और मिट्टी घोटाले जैसा कुछ नहीं हुआ है.

मुख्य सचिव के मुताबिक मिट्टी की केवल 9 लाख की खरीद हुई है और उसके लादने और लाने का खर्च जोड़ दें तो 40 लाख के आसपास जाता है, ऐसे में 90 लाख की मिट्टी खरीदने की बात बेबुनियाद है.

First published: 29 April 2017, 16:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी