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बिहार के DGP गुप्तेश्वर पांडे ने लिया वॉलंटरी रिटायरमेंट, विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर दिया ये जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 September 2020, 12:45 IST

gupteshwar pandey retirement:  बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे (Gupteshwar pandey) ने मंगलवार शाम को सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली. 1987-बैच के IPS अधिकारी के लिए 22 सितंबर अंतिम कार्य दिवस था. बिहार के राज्यपाल ने मंगलवार की देर शाम पांडे के अनुरोध को मंजूरी दे दी, जिसमें वीआरएस की मांग की गई थी. गृह विभाग द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की गई. कई लोगों का कहना है कि गुप्तेश्वर पांडे इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि वह अगले साल फरवरी में सेवानिवृत्त होने वाले थे. डीजीपी के वीआरएस के बाद होमगार्ड और फायर सेवाओं के महानिदेशक संजीव कुमार सिंघल को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

ANI के अनुसार रिटायरमेंट लेने पर बिहार DGP ने कहा ''आज की तारीख में मैं DGP नहीं हूं. वो जो नियम कानून हैं जो सरकारी अधिकारी पर लागू होते हैं वो मुझ पर अब लागू नहीं होते. "मैंने न कोई पॉलिटिकल पार्टी ज्वाइन की है न ही मैं अभी कोई पॉलिटिल व्यक्ति हूं. जब ज्वाइन करुंगा तो आप सबको बताकर के ज्वाइन करुंगा". उन्होंने कहा ''सोसायटी में काम करने का तरीका केवल राजनीति ज्वाइन करना नहीं है. बिना राजनीति ज्वाइन किए हुए भी समाज में सेवा की जा सकती है. मैं जब तय करुंगा की राजनीति में जाना है और तय करुंगा की कौन सी पार्टी में जाना है मैं बता दूंगा''.


हालही में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत डेथ की जांच के मामले गुप्तेश्वर पांडे खूब सुर्ख़ियों रहे. गुप्तेश्वर पांडे ने इससे पहले 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए समयपूर्व सेवानिवृत्ति ले ली थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार कैडर के 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडे ने 2009 में भाजपा के टिकट पर बक्सर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी. लोकसभा चुनाव लड़ने के इरादे से उन्होंने मार्च 2009 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का विकल्प चुना. हालांकि चुनावी राजनीति में उतरने का उनका सपना सफल नहीं हुआ.

अपने वीआरएस के नौ महीने बाद पांडे ने बिहार सरकार से अनुरोध किया कि उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने की अनुमति दी जाए. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने पांडे की याचिका को मंजूरी दे दी और वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बिहार पुलिस के डीजीपी बने. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार पांडे ने पटना विश्वविद्यालय से संस्कृत में स्नातक किया और यहां तक कि अपनी यूपीएससी परीक्षा भी संस्कृत में ली.

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First published: 23 September 2020, 11:58 IST
 
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