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बिहार: NDA से हाथ मिलाने के बाद नीतीशराज में सिर्फ 9 महीनेे में हुए 200 से ज्यादा सांप्रदायिक दंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2018, 11:14 IST

साल 2013 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 वर्षों के बाद एनडीए से यह कहकर गठबंधन तोड़ लिया था कि वह एक दंगाई को अपना प्रधानमंत्री नहीं मान सकते. हालांकि इसके चार साल बाद 26 जुलाई 2017 को उन्होंने महागठबंधन से नाता तोड़ महज 15 घंटे के भीतर ही भाजपा से गठबंधन लेकर फिर सरकार बना ली.

हालांकि इस गठबंधन बनने के लगभग 9 महीने बाद नीतीश कुमार सरकार पर लगातार हमले होने लगे हैं. पिछले कुछ दिनों से बिहार में जगह-जगह सांप्रदायिक हिंसा की खबरें आ रही हैं. जबसे नीतीश ने भाजपा के साथ दूसरी पारी शुरू की है राज्य में हिंसों की बाढ़ आ गई है. इन 9 महीनों में बिहार में अब तक 200 से ज्यादा सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं.

 

इ्ंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 में ही बिहार में लगभग 64 सांप्रदायिक दंगों की घटनाएं हुई हैं. पिछले पांच सालों की बात करें तो साल 2012 में 50 ऐसी घटनाएं हुईं थी. 2013 में ये आंकड़ा 112 था. 2014 में यह 110 रहा तथा 2015 में ये डाटा बढ़कर 155 हो गया.

हालांकि 2016 में इसमें जबर्दस्त इजाफा देखने को मिला और इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 230 हो गया. यही 2017 में बढ़कर 270 हो गया. ये आंकड़ा पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा है.

अगर इस साल की घटनाओं का मासिक विवरण निकालें तो जनवरी में 21, फरवरी में 13 और मार्च में 30 साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं. ये सभी घटनाएं पुलिस रिकॉर्ड में हैं. मार्च में हुईं ज्यादातर घटनाएं मुस्लिम बहुत इलाकों से धार्मिक जुलूस निकालने से जुड़ी हैं.

रामनवमी पूजा और हनुमान जयंती का जुलूस निकालने को लेकर भागलपुर, मुंगेर, औरंगाबाद, समस्तीपुर, शेखपुरा, नवादा और नालंदा में हिन्दू-मुस्लिम टकराव की घटनाएं सामने आईं. वहीं अररिया में हुए लोकसभा उपचुनाव में आरजेडी की जीत के बाद कथित रूप से मुस्लिम युवकों द्वारा देश विरोधी नारे लगाने की वजह से वहां माहौल तनाव पूर्ण हुआ था.

रामनवमी के दौरान युवा बड़ी संख्या में नयी-नयी तलवारें चमकाते दिखे. इस पर बिहार पुलिस का कहना है कि रामनवमी (मार्च) और दशहरा (सितंबर-अक्टूबर) के दौरान माहौल वैसे ही नाजुक रहता है. बिहार पुलिस के अधिकारी ने इस पर कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस साल साम्प्रदायिक घटनाओं में इजाफा हुआ है, लेकिन हां इस बार बड़े पैमाने पर भीड़ इकट्ठा हुई थी.

बिहार के डीजीपी के एस द्विवेदी ने कहा कि साम्प्रदायिक घटनाएं हुईं हैं लेकिन पुलिस ने इस पर तुरंत काबू पा लिया है, हम लोगों ने अबतक डाटा का विश्लेषण नहीं किया है, लेकिन हर केस को अलग-अलग गंभीरता से देख रहे हैं, और सबूतों, गवाहों के आधार पर इस पर विचार कर रहे हैं.

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हालांकि इस पर जदयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि पूर्व में भी रामनवमी के दौरान साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं, लेकिन मौजूदा ट्रेंड चिंताजनक और अमंगल है. उन्होंने कहा कि एंटी सोशल तत्वों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करनी होगी.

First published: 2 April 2018, 11:15 IST
 
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