Home » बिहार » Nitish Kumar's vocal attack on Tejaswi Yadav during trust vote in Bihar Assembly
 

नीतीश के 'तीर' ने बुझाई तेजस्वी की 'लालटेन'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2017, 17:15 IST
एएनआई

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत की जंग जीत ली है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सरकार के पक्ष में विधानसभा में विश्वास मत पेश किया. जिसके पक्ष में 131 और विरोध में 108 वोट पड़े.

विश्वास मत पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए नीतीश ने लोगों से वादा किया, "अब बिहार में सरकार चलेगी, जनता की सेवा करेगी और भ्रष्टाचार और अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

उन्होंने कहा, "सत्ता लोगों की सेवा के लिए होती है, न कि 'मेवा' के लिए." इस दौरान नीतीश ने लालू पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला. नीतीश ने कहा कि सत्ता केवल एक परिवार के कमाने के लिए नहीं होती है. 

'भ्रष्टाचार छिपाने के लिए सेकुलरिज्म की आड़'  

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने कई समस्याओं का सामना किया, बावजूद इसके गठबंधन धर्म का पालन करने का हरसंभव प्रयास किया. परंतु जब स्थिति खराब हो गई और जनता परेशान होने लगी तो इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं था."

नीतीश कुमार ने इस दौरान सांप्रदायिक शक्तियों से हाथ मिलाने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, "भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए सेकुलरिज्म की आड़ लेने से काम नहीं चलेगा. बिहार की जनता ने हमें काम करने के लिए जनादेश दिया था." 

नीतीश ने इस दौरान सेकुलरिज्म की नसीहत देने पर तेजस्वी पर हमला बोला. नीतीश ने कहा कि उन्हें सेकुलरिज्म सिखाने की जरूरत नहीं है. कोई नेता उन्हें यह नहीं सिखा सकता.

नीतीश ने कहा कि हर बार बिहार के साथ नाइंसाफी हो जाती थी, क्योंकि केंद्र और राज्य में अलग सरकारें होती थीं. इस बार बिहार के विकास का बड़ा मौका है. अब दोनों जगह एक सरकार बन गई है. 

'RSS के सामने टेके घुटने'

इसके पूर्व राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें रणछोड़ कहा. उन्होंने कहा, "संघ मुक्त भारत बनाने की बात कहने वाले नेता ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सामने घुटने टेक दिए."

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार में हिम्मत थी तो उन्होंने मुझे बर्खास्त क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि साजिश के तहत मुझे और मेरे परिवार को फंसाया गया.

तेजस्वी ने नीतीश को स्वार्थी बताते हुए कहा, "नीतीश को जब हमारी जरूरत थी, तब हमारे साथ आ गए और आज जब भाजपा की जरूरत है, तब सुशील कुमार मोदी के साथ आ गए." 

पक्ष में 131, विपक्ष में 108 वोट

विश्वास मत के पक्ष और विपक्ष में चर्चा के बाद मतदान शुरू हुआ. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने शुरू में ध्वनिमत से मतदान कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों ओर से हंगामे की वजह से निर्णय नहीं हो सका. इसके बाद मत विभाजन कराया गया, जिसमें विश्वास मत के पक्ष में 131, जबकि विरोध में 108 मत पड़े.

विधानसभा से बाहर निकलने के बाद भाजपा नेता प्रेम कुमार ने कहा कि यह पहले से ही तय था कि बिहार की जनता एनडीए के साथ है. उन्होंने कहा कि आज पूरा परिवार खुश है. उन्होंने विश्वास मत हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी. इससे पहले आरजेडी ने स्पीकर से गुप्त मतदान की गुजारिश की थी, जिसे खारिज कर दिया गया.

(स्रोत-आईएएनएस)

First published: 28 July 2017, 17:15 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी