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वीडियो: पतंगबाजी का उत्सव बदला मातम में, मृतकों की संख्या 25 हुई

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 January 2017, 8:13 IST

मकर संक्रांति का उत्सव पटना में मातम का दिन बन गया. पतंगबाजी के मुकाबले में शामिल होकर सोनपुर से पटना के एनआइटी घाट (गांधी घाट) लौट रही लोगों से खचाखच भरी दो नावें शनिवार शाम गंगा नदी में डूब गईं. इस हादसे में कम से कम 30 लोगों की मौत की आशंका जतायी जा रही है.

रविवार सुबह दोबारा से शुरू हुए राहत कार्य के बाद अब तक गोताखारों ने 25 शवों को नदी से बाहर निकाला है. अभी भी कुछ लोग लापता हैं. मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. अंधेरा होने के कारण बचाव औऱ राहत का काम देर रहा को रोक दिया गया था. आज सुबह से एख बार फिर बचाव कार्य शुरू होगा. इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है.

घाट से निकलते ही डूबी नाव

घटना के प्रत्यक्ष रहे लोगों के मुताबिक नाव के घाट से महज 10 मीटर आगे बढ़ने के बाद ही हादसे का शिकार हो गई. कहा जा रहा है कि नाव में क्षमता से तीन गुना ज्यादा लोगों के सवार होने के कारण यह हादसा हुआ. नाव जैसे ही घाट से आगे बढ़ी, वैसे ही एक ओर झुकने लगी और फिर सीधा होने के बाद गंगा की तलहटी में जा धंसी.

इस दौरान नाव में करीब 60 युवक, महिलाएं और बच्चे सवार थे. सभी डूबने लगे.

संयोगवश इसी समय पर्यटन विभाग की एक स्टीमर गांधी घाट से सबलपुर दियारा घाट की ओर आ रही थी. नाव को डूबता देख स्टीमर में सवार लोगों ने तुरंत ही लाइफ बैलून डूब रहे लोगों की ओर फेंकना शुरू कर दिया. 30 लोगों को किसी तरह स्थानीय लोगों ने बाद बचा लिया.

घटना की जानकारी मिलने के बाद आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, डीआइजी शालीन, जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल, एसएसपी मनु महाराज, सिटी एसपी मध्य चंदन कुमार कुशवाहा आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गये.

हादसे के शिकार परिवार वालों की तरफ से किसी तरह की हिंसा या हंगामा की आशंका के मद्देनजर पूरे अशोक राजपथ इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है. गांधी घाट, पीएमसीएच परिसर, कारगिल चौक व अशोक राजपथ पर काफी संख्या में पुलिस की मौजूदगी दिखाई दी.

मृतकों और घायलों को सीधे पीएमसीएच भेजा गया है. सात लोगों का इलाज पीएमसीएच के इमरजेंसी में चल रहा है. कुछ लोगों की हालत ठीक थी तो वे अपने घर को निकल गये.  आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी है कि बाकी शवों काे निकालने का काम किया जा रहा है और सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा की राशि प्रदान की जायेगी.

10 बजे रात तक जारी रहा बचाव कार्य

जिस नाव में लोग सवार हुए थे, उसमें पहले से ही सब्जियां लदी हुई थीं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहुत से लोग सब्जी और साग से भरी नाव में जबरन सवार हो गये. इसके कारण नाव में क्षमता से अधिक भार हो गया. नाव के असंतुलित होने की यह प्रमुख वजह रही.

स्थानीय गोताखोरों ने शनिवार की देर रात काफी मशक्कत के 21 लोगों के शव को बाहर निकाल लिया था. घटना की सूचना मिलने पर सबसे पहले सिटी एसपी मध्य चंदन कुमार कुशवाहा दल-बल के साथ वहां पहुंचे थे.

First published: 15 January 2017, 8:13 IST
 
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