Home » बिहार » Senari massacre: court found 15 guilty against the killing of 35 people
 

सेनारी जनसंहार: 34 हत्याओं के लिए 15 दोषी क़रार

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2016, 17:36 IST
(गेटी इमेजेज़)

17 साल पहले बिहार में हुए सेनारी जनसंहार पर जहानाबाद कोर्ट का फ़ैसला आ गया है. कोर्ट ने इस जनसंहार के लिए 15 लोगों को दोषी क़रार दिया है जबकि 23 मुलज़िमों को बरी कर दिया गया है. इस हत्याकांड में सवर्ण जाति के 34 लोगों की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी. 

1999 में हुए इस नरसंहार के लिए बिहार पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर को ज़िम्मेदार क़रार दिया था. अब जहानाबाद कोर्ट के ज़िला सत्र न्यायाधीश रणजीत कुमार सिंह ने 15 मुलज़िमों को हत्या, हत्या की साज़िश रचने, विस्फोटक और हथियार रखने समेत कई मामलों में दोषी पाया है. कोर्ट ने अभी इन मुलज़िमों की सज़ा मुक़र्रर नहीं की है. 

जातिय हिंसा और बिहार

बिहार दो दशक से ज़्यादा समय तक जातीय हिंसा की आग में जलता रहा है. एक के बाद एक जातीय जनसंहार राज्य में हुए हैं. सेनारी कांड से ठीक पहले इसी ज़िले के शंकरबिघा गांव में 23 और नारायणपुर में 11 दलितों की हत्या की गई थी. 

इसी तरह 1 दिसम्बर 1997 में इसी ज़िले के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में सवर्णों के हथियारबंद संगठन रणवीर सेना ने निचली जाति के 61 लोगों की हत्या कर दी थी. मरने वालों में बच्चे और गर्भवती औरतों की संख्या भी काफी थी. हालांकि इस कांड में उच्च न्यायालय सभी 26 मुलज़िमों को बरी कर चुका है. अभियोजन पक्ष की दलील यह थी कि वो आरोपियों के ख़िलाफ़ पुख़्ता सुबूत नहीं जुटा पाए. 

इस कांड से एक साल पहले 1996 में भोजपुर ज़िले के बथानी टोला में भी दलितों, मुसलमानों समेत पिछड़ी जाति के 22 लोगों की हत्या की गई थी. मगर साल 2012 में उच्च न्यायलय ने इस कांड के भी 23 मुलज़िमों को बरी कर दिया था.

First published: 27 October 2016, 17:36 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी