Home » बिहार » Supreme Court upheld conviction and life sentence awarded to former RJD MP Shahabuddin and three others for for Bihar murders
 

बिहार: मोहम्मद शहाबुद्दीन को SC से झटका, दोहरे हत्याकांड मामले में बरकरार रखी उम्रकैद की सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 October 2018, 11:57 IST
(file photo )

बिहार के सिवान में चर्चित तेजाब हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दोहरे हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई सवाल पूछे, लेकिन शहाबुद्दीन के वकीलों की तरफ से उनके जवाब नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.

मीडिया खबरों के मुताबिक, दो भाइयों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जिसको सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट में CJI रंजन गोगोई की बेंच ने शहाबुद्दीन के वकीलों से पूछा कि इस दोहरे हत्याकांड के गवाह तीसरे भाई राजीव रोशन की कोर्ट में गवाही देने जाते समय हत्या क्यों की गई? इस हमले के पीछे कौन था? लेकिन कोर्ट को इन सवालों के सही जवाब नहीं मिले. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह हाईकोर्ट के फैसले में दखल नहीं देगा. इस अपील में कानूनी तथ्य नहीं है.

गौरतलब है कि बिहार से सिवान में साल 2014 में सतीश और गिरीश रोशन की तेजाब डालकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में शहाबुद्दीन व अन्य को आरोपी बनाया गया. 9 दिसंबर 2015 को निचली अदालत ने शहाबुद्दीन सहित अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई. जिसको शहाबुद्दीन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी.

पटना हाईकोर्ट ने 2017 में शहाबुद्दीन की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा. इसके बाद शहाबुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जहां सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत और हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.

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First published: 30 October 2018, 11:57 IST
 
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