Home » बिहार » The youth's diet became a problem for officials in the Quarantine Center at Buxar Bihar
 

क्वारंटाइन सेंटर में अधिकारियों के लिए मुसीबत बनी युवक की डाइट, खाता है 40 रोटी

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2020, 12:12 IST

Quarantine Center in Buxer: कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) चल रहा है. ऐसे में तमाम दूसरे राज्यों में फंसे तमाम मजदूर (Labourers) अपने गृह राज्य पहुंच रहे हैं. जहां उन्हें 14 क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) में रखने के बाद ही उनके घर भेजा जा रहा है. वहीं देशभर (across country) से क्वारंटाइन सेंटर में लोगों को होने वाली परेशानियों की भी कहानी आ रही है. लेकिन बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है. जहां क्वारंटाइन में रखा गया एक युवक प्रशासन के सिर दर्द बन गया है.

क्योंकि इस युवक की डाइट इतनी है कि क्वारंटाइन सेंटर का बजट ही बिगड़ गया है. दरअसल, बिहार के बक्सर में 21 साल के अनूप ओझा को क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है. अनूप की डाइट के चलते ये क्वारंटाइन सेंटर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. दरसअल, अनूप ओझा एक बार में करीब दस लोगों के बराबर खाना है. जिसके चलते क्वारंटीन सेंटर का बजट बिगड़ गया है. बता दें कि जब अनूप राजस्थान से लौटकर बिहार पहुंचे तो उन्हें अपने इलाके के एक स्कूल में क्वारेंटीन सेंटर में रखा गया है.


जहां उनका खाना देखकर अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक के पसीने छूटने लग गए. दरअसल, अनूम एक बार में 10 लोगों के बराबर खाना खाता है. बात चाहे रोटी की हो या फिर चावल की अनूप की डाइट आम आदमी से 10 गुना ज्यादा है. यही नहीं जब अनूप ने सेंटर पर एक दिन रात के भोजन में बिहार के मशहूर भोजन यानी लिट्टी-चोखा के मेन्यू में 85 लिट्टियां खा लीं. अनूप आम तौर पर भी एक बार में आठ-दस प्लेट चावल या 35-40 रोटी के साथ दाल-सब्जी खाते हैं.

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बक्सर के मंझवारी के राजकीय बुनियादी विद्यालय में बने क्वारेंटाइन केंद्र में रह रहे अनूप ओझा का भोजन जुटाने में विभाग से ज्यादा रसोईयों का पसीना छूटता है क्योंकि अनूप के लिए 40 रोटियां बनाने में सबकी हालत खराब हो रही है. युवक की डायट को लेकर गड़बड़ी की आशंका हुई तो खुद अंचलाधिकारी भी युवक से मिलने पहुंचे लेकिन उसका खाना देख वो भी दंग रह गए.
बता दें कि अनूप बक्सर जिला के सिमरी प्रखंड के खरहाटांड़ गांव का रहना वाला है. वह एक सप्ताह पहले ही अपने घर जाने के क्रम में क्वारंटाइन केंद्र में आए है.

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अनूप के परिजनों ने बताया कि वह लॉकडाउन से पहले राजस्थान रोजी-रोटी की तलाश में गए था, लेकिन इसी दौरान पूरा देश लॉकडाउन हो गया और वो डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक राजस्थान में ही फंसा रहा. बता दें कि जिस क्वारंटीन सेंटर में अनूप को रखा गया है उसमें 87 अन्य लोगों को भी रखा गया है. लेकिन खाना 100 से अधिक लोगों का बनता क्योंकि अनूप की डाइट अन्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा है.

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अनूप के गांव के लोगों की भी कहना है कि वो शुरू से ही अधिक खाना खाता है. यही नहीं शर्त लगाने पर वो एक बार में करीब सौ समोसे खा जाता है. फिलहाल निरीक्षण देने के बाद अंचलाधिकारी ने केंद्र पर प्रतिनियुक्त कर्मियों को अनूप को भरपूर खाना देना के निर्देश दिया है.

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First published: 28 May 2020, 12:12 IST
 
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