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अय्यारी मूवी रिव्यूः सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपेई क्यों एक दूसरे से करते हैं बेइंतहा नफरत

विकाश गौड़ | Updated on: 16 February 2018, 11:49 IST

रेटिंग- 2.5 स्टार
स्टार कास्ट- मनोज बाजपेयी, सिद्धार्थ मल्होत्रा, रकुलप्रीत , नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर आदिल हुसैन, कुमुद मिश्रा
डायरेक्टर- नीरज पांडे
प्रोड्यूसर-शीतल भाटिया, पैन इंडिया, मोशन पिक्चर कैपिटल
म्यूजिक- अंकित तिवारी और रोचक कोहली

बॉलीवुड डायरेक्टर नीरज पांडेय हमेशा से ही अलग मुद्दों पर आधारित फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं. उनकी फिल्म 'ए वेडनेसडे', 'बेबी' 'स्पेशल 26' या फिर प्रोड्यूसर के तौर पर नाम 'शबाना' बनाई हो. सभी फिल्मों में कुछ अलग देखने को मिला है. ऐसे ही एक राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्म 'अय्यारी' बनाई है. नीरज पांडे की फिल्म को अलग-अलग साइट्स ने रिव्यू किया है.

फिल्म की कहानी

फिल्म 'अय्यारी' की कहानी की शुरुआत आर्मी के हेड क्वार्टर से होती है. यहां ब्रिगेडियर के श्रीनिवास (राजेश तैलंग), माया (पूजा चोपड़ा) से शिनाख्त करते हुए पाए जाते हैं. ब्रिगेडियर श्रीनिवास जानना चाहते हैं कि आखिरकार एक ही टीम के कर्नल अभय सिंह (एक्टर मनोज बाजपेई) और मेजर जय बख्शी ( एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा) के बीच में अलगाव कैसे हुआ. दोनों एक दूसरे से अब बेइंतहा नफरत क्यों करते हैं?

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एक तरफ अपना रूप बदल-बदलकर कर्नल अभय सिंह के कारनामे करते दिखाई देते हैं. वहीं, दूसरी तरफ अलग-अलग अवतार में मेजर जय बख्शी बहुत से काम करते हुए नजर आते हैं. फिल्म 'अय्यारी' में सोनिया (रकुल प्रीत सिंह), तारिक भाई (अनुपम खेर), बाबूराव (नसीरुद्दीन शाह), गुरिंदर (कुमुद मिश्रा) और मुकेश कपूर (आदिल हुसैन) की क्या भूमिका है इसके लिए आपको थिएटर का रुख करना पड़ेगा.

फिल्म 'अय्यारी' के डायरेक्शन और फिल्म की रियल लोकेशन बहुत ही बढ़िया है. साथ ही एक्शन सीक्वेंस के साथ आने वाले ट्विस्ट और टर्न्स भी बेहतरीन हैं. फिल्म 'अय्यारी' की कहानी को अच्छी है, लेकिन स्क्रीनप्ले कहीं कहीं कमजोर नजर आया है.

इसके अलावा सिद्धार्थ मल्होत्रा की एक्टिंग बहुत ही बढ़िया है, किसी डायरेक्टर ने सिद्धार्थ से अच्छा काम कराया है, जबकि मनोज वाजपेयी ने एक बार फिर से बेहतरीन परफॉरमेंस देकर अपने फैंस को फिल्म देखने के लिए मजबूर किया है.

फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो यह फैंस की आशाओं पर खरा नहीं उतरता, हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कमाल का है जो आपको कहानी से बांधे रखेगा.

फिल्म क्यों देखें

मनोज बाजपेई, सिद्धार्थ मल्होत्रा के अच्छे अभिनय के लिए फिल्म देख सकते हैं.
नीरज पांडे के बेहतरीन डायरेक्शन के लिए भी फिल्म को थियेटर में जाकर एक बार जरूर देखें.
फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित होने के नाते फिल्म देख सकते हैं.

फिल्म को न देखने की वजह

फिल्म का टाइम थोड़ा सा ज्यादा खिंच गया है.
फिल्म की लेंथ 2 घंटा 40 मिनट है.
फिल्म की एडिटिंग को और शार्प किया जा सकता था.
कुछ सीन पहले भी नीरज पांडे की फिल्मों में देखें गए हैं.

First published: 16 February 2018, 11:47 IST
 
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