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Beyond The Clouds Movie Review: शाहिद के भाई ईशान खट्टर ने डेब्यू फिल्म में किया धमाका

विकाश गौड़ | Updated on: 19 April 2018, 15:38 IST

फिल्मः बियॉन्ड द क्लाउड्स
डायरेक्टरः माजिद मजीदी
स्टारकास्टः ईशान खट्टर और मालविका मोहनन
रेटिंगः 3.5 स्टार

Beyond The Clouds यानी बादलों के उस पार, वहां एक चांद है जिसे उस 'छोटू' की तरह हर कोई देखना चाहता है. इस चांद में न जाने क्या जिसे एक आशिक अपना महबूब समझता है एक बच्चा चंदा मामा. कोई चांद से चेेहरे की तुलना करता है तो कोई कुछ और समझता है. ऐसी ही एक फिल्म है 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' जो 20 अप्रैल को रिलीज हो रही है.

'बियॉन्ड द क्लाउड्स' को ईरानी फिल्ममेकर माजिद मजीदी ने रुपहले परदे पर उतारा है. फिल्म Beyond The Clouds निराशा के बादलों से दूर एक उम्मीद की किरण जैसी है जो जिंदगी की महक को दर्शकों तक पहुंचाती है. माजिद मजीदी ने फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' के जरिए एक भारतीय कहानी को ग्लोबल मैप पर किस तरह से पेश किया जाए इसकी एक खूबसूरत कोशिश की है.

 

मजीदी ने फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' को जिस तरह से फिल्माया है वह काबिले तारीफ है. साथ ही जिस तरह ईशान खट्टर ने अपनी डेब्यू फिल्म में काम किया वह बहुत ही प्रशंसनीय है. कई बार ईशान की एक्टिंग को देखकर ऐसा लगता है कि वह एक मंझे हुए कलाकार हैं. इस फिल्म में उनका साथ मालविका मोहनन ने दिया है.

फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' की कहानी आमिर यानी ईशान खट्टर और उसकी बहन तारा यानी मालविका के ही इर्द-गिर्द है. आमिर को जहां पैसों की भूख है तो वहीं बहन जिंदगी के कड़े इम्तेहानों से गुजरती हुई दिखाई गई है. यहां तक तारा को जेल की हवा भी खानी पड़ जाती है.

 

फिल्म की कहानी

फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' आमिर(ईशान खट्टर) से शुरू होकर बादलों के उस पार तारा (मालविका मोहनन) पर खत्म हो जाती है. आमिर कुछ दोस्तों के साथ ड्रग्स का धंधा करता है लेकिन एक दिन उसके अड्डे पर पुलिस छापा मारती है तो वह जैसे तैसे बच जाता है. इस समय उसके पास ड्रग्स का सेंपल होता है जिसे वह अपनी बहन तारा को दे देता है.

बहन तारा भाई को अपने घर से मारपट करके निकाल देती है क्योंकि उसका शराबी पति उसके साथ रोज टॉर्चर करता था. बाद में वह अपनी जरुरतों की वजह से कुछ लोगों से इंटीमेट होती है. इसके बाद वह जब काम पर जाती है तो उसका एक उम्रदराज साथी उसके साथ संबंध बनाना चाहता है लेकिन अपने बचाव में उसको पत्थर मार देती है.

फिल्म में हल्की फुल्की कॉमेडी है हालांकि डायलॉग देखने को नहीं मिलते धीरे धीरे फिल्म चलती है और तारा जेल में चली जाती है. यहां उसकी मुलाकात तनिष्ठा चटर्जी(छोटू की मां) से होती है. फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' में तनिष्ठा का बेहद छोटा रोल है लेकिन दमदार है.

वहीं एक पांच साल के छोटू का किरदार बेहद ही संजीदा है जो तारा को तंग करता है उधर तारा भी उसे बहुत मानती है. इधर तारा ने जिस पर हमला किया वह होस्पिटल में है और बोल नहीं पा रहा है. इसके बाद इस शख्स की पत्नी और दो बेटियां आती है जिनमें से बड़ी बेटी को आमिर पंसद करने लगता है लेकिन आमिर की पैसे की भूख उसे बेचने पर तुली है.

माजिद मजीदी की फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' को देखकर इस फिल्म की कहानी को और गहरे से समझा जा सकता है कि आमिर उस लड़की से प्यार करने लगता है या फिर उसे कोठे पर बेच देता है. साथ ही क्या उसकी बहन तारा जेल से रिहा होगी. इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

फिल्म की कास्टिंग से लेकर स्क्रीनप्ले सब दमदार है लेकिन म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज एआर रहमान अपने म्यूजिक से छाप छोड़ते नजर नहीं आ रहे हैं. इस फिल्म में माजिद मजीदी का विजन साफ नजर आ रहा है कि वह बॉलीवुड से क्या चाहते हैं और बॉलीवुड के दर्शक क्या चाहते हैं?

फिल्म में सबसे गौर करने वाली बात ये है कि इस फिल्म ईशान खट्टर और मालविका मोहनन के अलावा किसी और कलाकार को इस रोल में फिट कर पाना बेहद मुश्किल है. दरअसल, दोनों ही किरदार एक दूसरे को पूरा करते नजर आ रहे हैं. इस बात में कोई दो राय नहीं कि बॉलीवुड को ईशान खट्टर के रूप में एक अच्छा एक्टर मिल सकता है.

क्यों देखें फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स'

ईशान खट्टर के जबरा फैन है तो डेब्यू फिल्म को देखना बनता है
ईशान और मालविका की जोड़ी को भी ध्यान में रखकर फिल्म देख सकते हैं
एक अलग तरह की फिल्म देखने है तो भी फिल्म देखने में बुराई नहीं है.
फिल्ममेकिंग में कुछ अलग सीखना है तो भी फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' को देख आइए.

First published: 19 April 2018, 15:38 IST
 
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