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Bhoot Movie Review: सच्ची घटना पर आधारित है विक्की कौशल की फिल्म 'भूत', देखकर कांप जाएंगी रूह

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2020, 10:11 IST

सालों बाद धर्मा जैसा बड़ा प्रॉडक्शन हाउस विकी कौशल के साथ 'भूत'शीर्षक वाली फिल्म लेकर आया है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दर्शकों को पर्दे पर कुछ नया देखने को मिलेगा. हालांकि लंबे वक्त से बॉलीवुड में एक हॉरर फिल्म का इंतजार भी था. इसी के चलते भूत को लेकर लोगों की उम्मीदें बंधी हुईं हैं. फिल्म भूत,रोमांस,नफरत,फरेब से भरपूर है.जो हॉरर फिल्म के लिए एक पर्याप्त मसाला है. सच्ची घटना पर आधारित यह फिल्म शुरुआत में आपका दिल दहला देती है.फिल्म के पहले ही सीन से ही निर्देशक डरावना माहौल बनाने की कोशिश की है.

कहानी-

फिल्म की शुरुआत मुंबई के जुहू बीच से होती है. जहां पर SeaBird नाम का एक जहाज आकर किनारे लग जाता हैजिसमें कोई इंसान नहीं होता हैइस जहाज में भूत है इस तरह की कहानियां चर्चित हैं.शिपिंग अफसर पृथ्वी यानी विक्की कौशल (vicky kaushal) इस जहाज की जांच पड़ताल करने जाते हैं, जब उन्हें ये अहसास होता है कि इस जहाज में उनके अलावा भी कोई और है. उनके साथ इस दौरान कई तरह की कुछ अलग-अलग घटनाएं होती है. लेकिन इसके बावजूद पृथ्वी वहां से भागने की बजाय किसी भी तरह के उन घटनाओं के पीछे की कहानी जानना चाहता है. पृथ्वी अपनी पत्नी (भूमि पेडनेकर)और बेटी को एक दुर्घटना में खो देने के बाद पृथ्वी एक तन्हा अकेले जिंदगी जी रहा होता है, लेकिन जहाज उसे एक मकसद दे देता है. इसमें उसका साथ प्रोफेसर जोशी (आशुतोष राणा) देते हैं. फिल्म जहाज में फंसी एक आत्मा की कहानी के इर्द गिर्द घूमती है.

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निर्देशन-

इसमें कोई शक नहीं कि फिल्म का पहला डरावना सीन मुंह से चीख निकलने पर मजबूर कर देता है, मगर जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती जाती है, डर का माहौल अपनी पकड़ नहीं बना पाता है. फिल्म में विक्की कौशल कि पर्सनल जिंदगी का पहलु आमिर खान की 'तलाश' की याद दिलाता है. हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फिल्म के कुछ सीन्स अच्छे-खासे डरावने हैं. बैकग्राउंड म्यूजिक ने डर को बढ़ाने में अच्छा साथ दिया है, मगर कमजोर स्क्रीनप्ले के कारण आपको दोहराव का अहसास होता है.फिल्म में डर का साया बनाए रखने के लिए निर्देशक फर्स्ट हॉफ तक सफल भी रहे हैं. लेकिन सेकेंड हॉफ में फिल्म थोड़ी नीचे ढ़लकती जाती है. दो घंटे की फिल्म आपको लंबी लगने लगती है. क्लाईमैक्स तक पहुंचते हुए फिल्म सारे राज सामने रख देती है.

 संगीत-

फिल्म में सिर्फ एक ही गाना है- चन्ना वे… इस गाने को संगीत अखिल सचिदेवा ने दिया है. यह एक रोमांटिक गाना है लेकिन फिल्म में कही भी बाधित नहीं करती है. बल्कि कहानी को आगे ले जाती है. केतन सोधा ने फिल्म में बैकग्राउंड स्कोर दिया है जो बेहतरीन है.

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First published: 21 February 2020, 10:11 IST
 
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