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Blackmail Movie Review: दुलर्भ बीमारी से पीड़ित इरफान खान की दमदार एक्टिंग

विकाश गौड़ | Updated on: 6 April 2018, 10:59 IST

फिल्मः ब्लैकमेल
स्टारकास्टः इरफान खान, कीर्ति कुल्हारी, अरुणोदय सिंह, दिव्या दत्ता और ओमी वैद्य
रेटिंगः 2.5 स्टार
डायरेक्टरः अभिनय देव

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान इन दिनों न्यूरो एंड्रोक्राएन ट्यूमर की बीमारी से पीड़ित हैं. इसके इलाज के लिए वह अमेरिका गए हुए हैं. इधर उनकी फिल्म ‘Blackmail’ शुक्रवार रिलीज हो गई है. बता दें कि बीमारी के चलते इरफान इस फिल्म का प्रमोशन नहीं कर पाए हैं, हालांकि फिल्म की बाकी कास्ट ने थोड़ा बहुत प्रमोशन जरूर किया. उम्मीद है कि जल्द इरफान बीमारी को मात देकर हमें एंटरटेन करते नजर आएंगे.

इस फिल्म को ‘देल्ही बेली’ के फेम डायरेक्टर अभिनय देव ने डायरेक्ट किया है. इस फिल्म में इरफान खान देव के किरदार में हैं तो वहीं कीर्ति कुल्हारी रीना के किरदार में हैं. इरफान और कीर्ति के अलावा अरुणोदय सिंह, दिव्या दत्ता, ओमी वैद्य भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म को भले ही क्रिटिक्स की ओर से पांच में से चार स्टार्स दिए गए हैं, लेकिन कॉमेडी और थ्रिलर पर आधारित इस फिल्म के लिए दर्शक शायद खुद न 'ब्लैकमेल' हो जाएं.

 

फिल्म की कहानी

अगर फिल्म 'ब्लैकमेल' की कहानी की बात करें तो ये कहानी थोड़ा रुक-रुककर चलती है, दर्शकों को बांधने में फिल्म शायद ही कामयाब होगी. फिल्म में देव यानी इरफान खान एक टॉयलेट पेपर सेल्समैन है, इस टॉयलेट पेपर कंपनी के ऑनर ओमी वैद्य हैं. देव देर तक ऑफिस में रहते हैं लेकिन एक दिन बिना बताए वह जल्दी घर जाकर पत्नी को सरप्राइज देना चाहते हैं लेकिन जब वह घर पहुंचकर देखते हैं तो वो दंग रह जाते हैं.

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दरअसल, उनकी पत्नी किसी और आदमी के साथ बेड पर होती है. ये सब देखकर इरफान के मन में तमाम सवाल पैदा होते हैं, कि पत्नी को मार दूं या फिर उसके साथ जो आदमी है उसे. इसके बाद देव ज्यादा न सोचते हुए पत्नी के प्रेमी रंजीत यानी अरुणोदय सिंह को ब्लैकमेल करने लगते हैं. इसमें वह सफल भी हो जाते हैं. लेकिन इस कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब देव खुद ब्लैकमेल होने लगते हैं.

 

दरअसल, ऐसा होता इसलिए है कि बात-बात में उनके इस प्लान के बारे में बाकी लोगों को पता लग जाता है और वह खुद इसका शिकार होने लगते हैं. इसके बाद फिल्म के बाकी कैरेक्टर्स भी किसी न किसी तरह से किसी न किसी को ब्लैकमेल करने लगते हैं. इस दौरान एक कैरेक्टर की मौत हो जाती है और एक का खून, इसके बाद आता है फिल्म में मजेदार मोड़. इसके लिए आपको सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेंगा.

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वहीं, अगर फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो म्यूजिक काफी हद तक ठीक है लेकिन गाने ऐसे नहीं हैं जिन्हें दूसरी बार सुना जाए. हालांकि उर्मिला मातोड़कर के बेवफा ब्यूटी ने भले ही यूट्यूब पर अच्छा रिस्पोंस पाया हो लेकिन फिल्म में यह भी औसत ही नजर आया है. इसके अलावा कोई भी गाना आपको याद नहीं रहेगा. इसके अलावा फिल्म में कुछ डायलॉग को छोड़ दें तो बाकी नपे तुले डायलॉग हैं, जिन पर तालियां नहीं बजतीं. साथ ही कुछ जोक्स मजे नहीं देने वाले.

क्यों देखें फिल्म

इरफान खान के जबरा फैन हैं तो फिल्म देखना बनता है.
कॉमेडी और थ्रिलर पसंद है तो भी फिल्म देख सकते हैं.

First published: 6 April 2018, 10:28 IST
 
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