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Dhadak Review: 'धड़क' में 'सैराट' जैसा आगाज लेकिन अंजाम उससे कहीं अलग..

विकाश गौड़ | Updated on: 20 July 2018, 11:29 IST

फिल्म: धड़क

डायरेक्टर: शशांक खेतान

स्टार कास्ट: ईशान खट्टर, जाह्नवी कपूर और आशुतोष राणा

रेटिंग: 3 स्टार

आज एक फिल्म रिलीज हुई है जिसका नाम है 'धड़क'. शंशाक खेतान की फिल्म 'धड़क' मराठी फिल्म 'सैराट' का रीमेक है. हालांकि, फिल्म देखने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि यह आधी फिल्म 'सैराट' और आधी शशांक खेतान की 'धड़क'. जैसा कि सभी जानते हैं 'सैराट' ऑनर किलिंग पर बेस्ड थी, ठीक ऐसा ही कुछ इसमें लेकिन इसके क्लाइमैक्स की कहानी में थोड़ा ट्विस्ट है.

वैसे भी शंशाक खेतान लव स्टोरी दिखाने में माहिर हो गए हैं. इससे पहले शशांक वरुण और आलिया के साथ हमप्टी शर्मा की दुल्हनिया और बद्रीनाथ की दुल्हनिया बना चुके हैं. ऐसे में इस फिल्म में भी प्यार का जोरदार तड़का लगाया है. इस फिल्म की खास बात ये हैै कि करीब ढाई घंटे की मूवी आपको बोर नहीं करेगी. हालांकि, आखिर में आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर है क्या और क्या होगा.

इस फिल्म में आपको एक दो तीन की जोड़ी मिलेगी. दरअसल, जाह्नवी के लिए यह पहली फिल्म है, तो वहीं एक्टर ईशान खट्टर के लिए यह दूसरी फिल्म है. वहीं, 'धड़क' के डायरेक्टर के लिए यह तीसरी फिल्म है. गौरतलब है कि ईशान इससे पहले फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' में नजर आए हैं.

फिल्म 'धड़क' की कहानी

जिस तरह सैराट है उसी तरह 'धड़क'. 'धड़क' की शुरुआत मधुकर यानी ईशान खट्टर के सपने से शुरू होती है. ईशान सपने में एक खूबसूरत लड़की को देखता है जो कि पार्थवी यानी जाह्नवी कपूर है. जाह्नवी कहती हैं आज प्रतियोगिता है तुम्हें जीतनी है और पुरस्कार मैं तुम्हें दूंगी. इसके बाद मधु (मधुकर) की नींद खुलती है तो वह जल्दी-जल्दी प्रतियोगिता(सबसे ज्यादा खाने की होड़) में पहुंचता है.

मधु प्रतियोगिता में खाना खा रहा होता है तभी उसकी नजर खुली हुई जिप्सी में पीछे बैठी एक खूबसूरत लड़की(जाह्नवी कपूर) पर पड़ती है. मधु के खाने की रफ्तार और बढ़ जाती है. इस दौरान उसे मिर्च भी खाने पड़ती हैं. बाद में वह प्रतियोगिता जीत जाता है. पुरस्कार वितरण के लिए स्टेज पर रतन सिंह यानी आशुतोष राणा(जो जाह्नवी के पिता बने हैं और उदयपुर से विधायकी का चुनाव लड़ रहे हैं) का परिवार आता है.

चूंकि मधु प्रतियोगिता जीत जाता है और वह लोअर कास्ट(नीची जाति) का है इसलिए रतन उसे खुद पुरुस्कार न देकर अपने बेटी पार्थवी सिंह(जाह्नवी) से दिलवाता है. इस दौरान मधु और पार्थवी की नजरें मिल जाती हैं. मधुकर बागला परिवार के साथ उदयपुर में ही एक रेस्टोरेंट चलाता है, जो कि टूरिस्ट गाइड भी है. मधुकर और पार्थवी की आंखें चार होने की कहानी रतन सिंह और उसके बेटे को बिल्कुल भी नहीं पसंद आती.

यही कारण है कि फिल्म में कई सारे ट्विस्ट और टर्न्स देखने को मिलेंगे. आपको बता दें, फिल्म 'धड़क' चार शहरों की कहानी है. इनमें पहला राजस्थान का खूबसूरत शहर उदयपुर, जहां से कहानी की शुरुआत होती है. दूसरा शहर मुंबई जहां ये दो प्यार करने वाले ना चाहते हुए भी चले जाते हैं. तीसरा शहर नागपुर जहां उनके लिए कोई जगह नहीं है. आखिरी है कोलकाता जहां पर सब शुरू तो होता है लेकिन एक स्टेज पर आकर ऐसा लगता है कि सब खत्म हो जाएगा. आखिर में क्या होता है इसके लिए आपको ये फिल्म देखने पड़ेगी जो कि एक दम पैसा वसूल है.

फिल्म 'धड़क' को देखते समय आपको कुछ बातें जरूर याद आएंगी की प्यार इतना आसान नहीं है जितना समझा जाता है. आज भी हमारे समाज में प्यार को बहुत कम तवज्जो दी जाती है. वहीं, अगर प्यार करने वाले छोटे और बड़े जातियों वाले हों तो फिर रार पनपना लाजमी सा लगता है. मधु और पार्थवी की भी कहानी कुछ ऐसी ही है. जिसे पार्थवी का परिवार चाहता नहीं है और मधु अपने बाप की कसम खाकर भी पार्थवी से दूर नहीं रह पाता.

'धड़क' के म्यूजिक की बात करें तो ये आपको फिल्म के साथ बांधे रखेगा. साथ ही फिल्म 'धड़क' के गाने पहले ही यूट्यूब पर धमाका मचा चुके हैं. हालांकि पहले पार्ट को देखकर आपको ऐसा लगेगा कि जैसे फिल्म का ट्रेलर ही देखा हो क्योंकि उसमें कई सारे सीन पहले हाफ के है लेकिन दूसरा हाफ पहले हाफ की तुलना में बेहतर है और शशांक ने बड़े की खास तरीके से इसे फिल्माया है.

First published: 20 July 2018, 9:10 IST
 
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