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Kalank Review: 'कलंक' हमेशा मोहब्बत पर ही लगता है आखिर में बस यहीं समझ आया

दीपाली श्रीवास्तव | Updated on: 18 April 2019, 9:10 IST
Kalank Review

फिल्म: कलंक

डायरेक्टर: अभिषक वर्मन

स्टार कास्ट: वरुण धवन,आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा,आदित्य रॉय कपूर,संजय दत्त,माधुरी दीक्षित,कियारा आडवाणी,कृणाल खेमु

रेटिंग: 2.5 स्टार

कलंक का डायरेक्शन अभिषेक वर्मन ने किया है जिन्होंने 2 स्टेट जैसी हिट फिल्म का डायरेक्शन किया था. इस फिल्म से लोगों को काफी उम्मीदें थी और काफी इंतजार भी. फिल्म का शोरगुल था कि इतने सारे स्टार्स हैं और करण जौहर प्रोड्यूस कर रहे हैं तो फिल्म सुपरहिट होगी. फिल्म कलंक में सभी स्टार्स की बराबरी से हिस्सेदारी है लेकिन कुछ था जो दर्शकों का दिल नहीं जीत पाई. अब आइये जानते है फिल्म की कहानी क्या है-

कलंक की कहानी है लाहौर के पास हुसैनाबाद की जो कि आजादी के वक्त के पहले की दास्तां बयां की गई है. हुसैनाबाद में रह रहे चौधरी परिवार की बहू सत्या (सोनाक्षी सिन्हा) अपने पति देव (आदित्य रॉय कपूर) की शादी की बात करने रुप (आलिया भट्ट) के घर पहुंच जाती है. इसके बाद देव और रुप की शादी हो जाती है और बलराज चौधरी (संजय दत्त) ये सब देख रहे होते.

 

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फिर आते है दूसरे पहलू पर जो कि हीरामंडी का है जहां पर बहार बेगम माधुरी दीक्षित और जफर वरुण धवन रहते हैं. बहार बेगम नाच गाना करती है और जफर लोहे का. इसके साथ ही दोनों ही बलराज चौधरी से जुड़े हुए है. सब यहां भारत-पाक के बीच बंटवारे को लेकर परेशान होते है लेकिन किसी को नहीं पता होता कि कैसे जिंदगी बदलने वाली है.

जफर का दोस्त है अब्दुल (कृणाल खेमु) जो कि मुस्लिम कौम को अपने हक की याद दिलाता है. जफर और रुप की मुलाकात होती है और हो जाता है इश्क. अब ये इश्क में लगा दाग एक कलंक बन जाता है और कई जिंदगियां इसमें तबाह हो जाती है. कहानी लंबी जरूर है लेकिन दिलचस्प भी है एक बार फिल्म देखने जरूर जाए.

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किरदारों की अदाकारी-

माधुरी-संजय ने अपने किरदार में परफेक्ट नजर आए और वहीं आलिया भट्ट ने शानदार एक्टिंग की है. वरुण धवन ने अपने किरदार को संभाला है. कियारा आडवाणी और सोनाक्षी सिन्हा का रोल ज्यादा नहीं था लेकिन जो भी रहा वो ठीक-ठाक रहा. आदित्य रॉय कपूर और कृणाल खेमु भी किरदार में अच्छे रहे और उन्होंने अंत तक अपने किरदार पर मजबूती से पकड़ बनाए रखी.

Kalank

फिल्म कलंक में अच्छा म्यूजिक है कॉस्ट्यूम अच्छा और सेट भी अच्छी ही है लेकिन कहानी में दम नहीं है. भारत-पाक के बंटवारे से कहानी शुरु होकर मोहब्बत पर आती है. इसके बाद मोहब्बत इतनी भर दी गई है फिल्म में की कहानी खो सी गई है. कलंक का स्क्रीनप्ले थोड़ा सा कच्चा रह गया है और इस पर और काम किया जा सकता था. फिल्म में कुछ सीन्स है जो समां बांध देंगे बाकि कुछ आपको बोर कर देंगे. बाकि स्टार्स का कमाल भी है और जो कि अपने किरदार में परफेक्ट हैं. आप किसी एक के भी फैन है तो फिल्म देखने जरूर जाए क्योंकि किसी ने फिल्म बनाने में इतनी मेहनत की है तो आप एक बार तो देख ही सकते है.

First published: 17 April 2019, 19:11 IST
 
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