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Laila Majnu Review: हम लाख छुपाएं प्यार मगर दुनिया को पता चल जाएगा..

विकाश गौड़ | Updated on: 7 September 2018, 10:16 IST

फिल्म: लैला मजनू
डायरेक्टर: सादिज अली
स्टारकास्ट: अविनाश तिवारी, तृप्ति डिमरी, सुमित कौल और रुचिका कपूर
रेटिंगः 3 स्टार

'लैला मजनू' ये दो शब्द जब साथ आते हैं तो हमारे दिल-ओ-दिमाग पर दो प्यार करने वालों की तस्वीर बन जाती है. हम सोच लेते हैं कि 'लैला मजनू' वो होते हैं, जो एक दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते हैं. ये सच भी है इस बार भी साजिद अली द्वारा डायरेक्ट की गई फिल्म 'लैला मजनू' में यही दिखाया गया है.

आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्‍म 'लैला मजनू' रोमांस ड्रामा है, इसकी स्टोरी वही दो प्रेमियों वाली है, जिनके परिवार पहले से ही एक दूसरे के जानी-दुश्मन हैं. इम्तियाज अली के भाई साजिद अली ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है. इसके अलावा इस फिल्म को इन दोनों भाईयों ने लिखा भी है.

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'लैला मजनू' फिल्म को देखकर जब आप थियेटर से निकलेंगे तो आपको लगेगा कि इसमें स्टार कास्ट के अलावा कुछ सोचने और समझने लायक नहीं है. वही स्टोरी वही दी एंड है. लेकिन आप इसे 'लैला मजनू' का न्यू वर्जन कह सकते हैं. हालांकि, ये भी आपको अपडेटेड नहीं लगेगा.

फिल्म 'लैला मजनू' की कहानी

फिल्म 'लैला मजनू' माने लव स्टोरी. वो स्टोरी जिसमें बेइंतहा मोहब्बत के अलावा कुछ भी नहीं. 'लैला मजनू' का न्यू वर्जन जम्मू-कश्मीर की वादियों में बेस्ड है. फिल्म कैस बट यानी अविनाश तिवारी और लैला यानी तृप्ति डिमरी के इर्द-गिर्द है. हो भी क्यों ने दोनों लैला मजनू जो हैं.

पूरी फिल्म में इमोशन हैं और इसी के साथ-साथ फिल्म की स्टोरी बड़ी ही धीरे-धीरे चलती है. पहले हाफ में कैस(अविनाश तिवारी) कैस ही रहते हैं क्योंकि वह बचपन से ही अय्याश किस्म के इंशान हैं. इसमें उनका कोई दोष नहीं क्योंकि बड़े बाप की औलद(फिल्म में) होने के नाते ऐसा होना आम बात है.

दूसरे हाफ में कैस मजनू बन जाते हैं. यहीं से फिल्म शुरू होती है 'लैला मजनू' क्योंकि पहले हाफ में दो अलग-अलग थे अब दोनों में इश्क है, जो परवान चढ़ता है या नहीं इसके लिए फिल्म देखनी पड़ेगी. कैस जब मजनू बन जाते हैं तो वो डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं, जैसा कि इम्तियाज की फिल्मों में ऐसा कुछ अक्सर देखा जाता है.

मजनू का सामना जब लैला से होता है तो अपने सारे अतीत को भुला देना चाहता है और एक नहीं जिंदगी शुरू करना चाहता है. लेकिन इन दोनों के प्यार के बीच परिवार आ जाता है जो सालों से आपस में लड़ाई लड़ रहा है. देखते-देखते मजनू अपने दिमाग से काबू खोने लगता है. क्या प्यार जीतेगा या परिवार या फिर दोनों हार जाएंगे इसके लिए फिल्म देखनी होगी.

एक्टिंग

फिल्म 'लैला मजनू' में अगर कोई अच्छी चीज है तो है अविनाश तिवारी की दमदार परफार्मेंस. विविधतापूर्ण भूमिकाएं निभाने के लिए एक डेब्यू एक्टर को पूरे नंबर दिए जाएंगे. सादिज अली ने अविनाश तिवारी के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने में कोई भूल नहीं की है. देखने में ऐसा लगता है कि अविनाश ने अपने कैरेक्टर को भलीभांति जीया है.

अविनाश जहां मजनू की भूमिका में दमदार नजर आए हैं तो वहीं, लैला यानी तृप्ति डिमरी ने फिर से बड़े पर्दे पर अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज करायी है. अविनाश के साथ तृप्ति की जोड़ी बहुत ही सजग लग रही है. इसकी बानगी आपको फिल्म 'लैला मजनू' के कुछ इमोशनल सीन में देखने को मिल जाएगी.

डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले

'लैला मजनू' के डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले में दम है लेकिन इसके कुछ हिस्से कमजोर नजर आते हैं. कैस और लैला की पहली मुलाकात छोटी है क्योंकि 'लैला मजनू' के हिसाब से इसे लंबा किया जा सकता था. वहीं, अगर लोकेशन की बात करें तो फिर कहने ही क्या. इस मामले में फिल्म अपने आप में पूरी है.

वहीं, अगर म्यूजिक और फिल्म 'लैला मजनू' के गानों की बात करें तो आपको फिल्म से बांधें रखेंगे. एकाध बार आप गानों को साथ में गुनगुनाते भी नजर आएंगे. फिल्म में खास है कि लैला और कैस की चार साल के अंतराल के बाद मुलाकात जो आपको शायद पसंद आए.

First published: 7 September 2018, 9:07 IST
 
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