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Nanu Ki Jaanu Movie Review: अभय देओल की हॉरर कॉमेडी देखकर पेट पकड़कर हंसने को हो जाएंगे मजबूर

विकाश गौड़ | Updated on: 20 April 2018, 12:22 IST

फिल्मः नानू की जानू
डायरेक्टरः फराज हैदर
स्टारकास्टः अभय देओल,पत्रलेखा और मनु ऋषि
रेटिंगः 3.5 स्टार

सवाल, एक फिल्म में इतना सबकुछ कैसे हो सकता है. फिल्म में कॉमेडी, हॉरर के साथ थोड़ा रोमांस थोड़ा प्यार और थोड़ा अपनापन नजर आएगा. इस फिल्म में आपको कई मैसेज भी मिलेंगे जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगे. ऐसी एक फिल्म 'नानू की जानू' लेकर आए हैं 'टिकट टू बॉलीवुड' और 'वार छोड़ न यार' जैसी फिल्में बनाने वाले फराज हैदर.

फराज हैदर ने इस फिल्म में ह़़ॉरर के साथ जो कॉमेडी डाली है वो बहुत ही मजेदार है फिल्म से आपका ध्यान हटेगा ही नहीं. आप कैसे दो घंटे थिएटर में बिता देंगे पता ही नहीं चलेगा. एक बात ये भी है आप उसी पल डरेंगे तो उसी पल हंसेगे भी यही फिल्म की खूबसूरती है.

फ‍िल्‍म 'नानू की जानू' में आनंद उर्फ नानू (अभय देओल) एक दिल्ली एनसीआर बेस्ड गुंडा है जो नोएडा और आसपास के इलाके के लोगों को डरा-धमकाकर उनके मकान पर कब्जा जमाता है. नानू के इस काम में डब्बू यानी मनु ऋषि और उसके दो साथी उसकी मदद करते हैं.

लेकिन एक दिन अचानक नानू के साथ कुछ अजीब-अजीब चीजें होने लगती हैं. इस दौरान वह वह पड़ोसियों से भी मदद मांगता है लेकिन उसकी परेशानी का हल नहीं निकलता. इन्हीं कुछ किरदारों के इर्द गिर्द है ये पूरी फिल्म जिसमें अभय देओल मुख्य किरदार में हैं.

 

फिल्म की कहानी

फिल्म 'नानू की जानू' हॉरर कॉमेडी भले ही है लेकिन इसमें एक अलग तरह का प्यार भी है. फिल्म में नानू का पाला सिद्धि उर्फ जानू (पत्रलेखा) से पड़ जाता है. क्योंकि ये एक हादसे में मर गई है इसलिए वो भूतनी बन जाती है. चूंकि नानू उसे बचाने की कोशिश करता है तो वो उसको चाहने लगती है. इसके बाद शुरू हो जाता है हंस-हंसकर लोटपोट कर देने वाली मजेदार स्क्रिप्ट का तड़का.

कॉमिडी का ये सिलसिला पहले हाफ में कुछ ज्यादा है तो वहीं, दूसरे हाफ में फिल्म की असली कहानी है. हालांकि कॉमेडी भरी स्क्रिप्ट आपको पूरी फिल्म के दौरान गुदगुदाती रहेगी. फिल्म में भूतनी के कारनामे देखने को मिलते हैं तो कुछ कुरीतियां भी जो अक्सर समाज में देखने को मिल जाती हैं.

वहीं, अगर आपको जानना है कि नानू को उसकी जानू या जानू को नानू मिलता है कि या दोनों एक दूसरे को पाने में कामयाब होती है या नहीं, या फिर सिद्धी के साथ क्या और कैसे हादसा होता है यह सब जानने के लिए आपको थिअटर का रुख करना पड़ेगा, जिसमें आपको पूरा मजा आने वाला है.

 

आपको बता दें किसी भूतनी के इंसान को चाहने का प्रयोग हम इससे पहले देख चुके हैं. बता दें कि इससे पहले अनुष्का शर्मा की फिल्म 'फिल्लौरी' में ये कॉन्सेप्ट देखने को मिला था. हालांकि 'नानू की जानू' उस लिहाज से बहुत अलग तरह की फिल्म है. यह फिल्म साल 2014 में आई तमिल फिल्म 'पिसासु' का रीमेक है. इससे पहले यह फिल्म तेलुगू और कन्नड़ में भी बन चुकी है.

वहीं, अगर एक्टिंग की बात करें तो अभय देओल बड़े परदे पर कम ही नजर आते हैं, या यूं कहें कि चुनिंदा फिल्म करते हैं तो ये भी गलत नहीं होगा. 'नानू की जानू' में एक अलग और अहम भूमिका में नजर आ रहे अभय का अभिनय शानदार है. इसके लिए उनको सपोर्टिंग कास्ट ने खूब सपोर्ट किया है.


फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर यानी म्यूजिक की बात करें तो यह नपातुला है, साथ ही गाने फिल्म की स्क्रिप्ट के हिसाब से ठीकठाक हैं. कह सकते हैं कि फिल्म 'नानू की जानू' में हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के आइटम नंबर 'तेरे ठुमके सपना चौधरी' को बिना मर्जी फिल्म में जगह दी है. सपना इसमें कतई इम्प्रेसिव नहीं लग रहीं.

क्यों देखें फिल्म

अभय देओल के फैन हैं तो फिल्म 'नानू की जानू' देखना बनता है.
कॉमेडी के साथ हॉरर पसंद है तो भी फिल्म देख सकते हैं.
नए कॉन्सेप्ट के साथ अभय ने कमबैक किया इसके लिए भी फिल्म देखी जा सकती है.

First published: 20 April 2018, 12:20 IST
 
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