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October Movie Review: एक अनकहे प्यार की दास्तां है ऑक्टोबर

विकाश गौड़ | Updated on: 13 April 2018, 10:22 IST

फिल्म- ऑक्टोबर
डायरेक्टर- शूजित सिरकार
स्टारकास्ट- वरुण धवन और बनिता संधू
रेटिंग- 3 स्टार

प्यार होता नहीं हो जाता है या यूं कहें कि प्यार होता नहीं है सिर्फ महसूस किया जा सकता है तो ये भी गलत नहीं होगा. कुछ इसी तरह के अनकहे प्यार की कहानी है 'ऑक्टोबर' जिसमें डन (डेनिश) यानी वरुण धवन आपको होटल में मक्खी, मच्छर मारते नजर आएंगे, कभी शराब चुराते नजर आने वाले तो कभी अपनी हरकतों से लोगों को परेशान करने वाले हैं. इस बीच डन की क्लासमेट श्युली यानी बनिता संधू वरुण धवन की इन हरकतों पर पर्दा डालने की कोशिश नजर आती आएंगी.

बहरहाल , बॉलीवुड के फेमस फिल्म मेकर शूजित सिरकार फिल्म 'पीकू' के बाद एक बार फिर लौटे हैं. इस बार वह हमेशा की तरह कुछ नया लेकर आये हैं वह है फ़िल्म 'ऑक्टोबर'. दरअसल, ये 'ऑक्टोबर' महीने वाला नहीं है. ये बात हम यहीं बता देते हैं.

सिरकार के इस फिक्शन की बात ही कुछ और है. 'ऑक्टोबर' उनकी विकी डोनर और पीकू से काफी अलग है. फिल्म को जितनी शानदार तरीके से लिखा गया है इतनी शिद्दत से इसे फिल्माया भी गया है. स्क्रीनप्ले धांसू नजर आ रहा है.

फ़िल्म की कहानी

असल में फिल्म की कहानी श्युली यानी बनिता संधू के कोमा में चले जाने के बाद शुरू होती है, इससे पहले तो बस वरुण धवन की शानदार एक्टिंग का प्रदर्शन किया गया है. दरअसल , संधू एक पार्टी के दौरान सभी से पूछती हैं, 'व्हेयर इस डन'? इसी बीच उनके साथ एक हादसा हो जाता है और वह कोमा में चली जाती हैं.

डन आकर देखता है कि श्युली इस हालत में है तो वह बहुत परेशान होता है और ट्रेनिंग भी सही से नहीं करता. इस दौरान उसके पास पैसे भी नहीं होते हैं और दोस्त भी मदद करना बंद कर रहे होते हैं. जैसा कि फ़िल्म के ट्रेलर में बताया गया था कि यह लव स्टोरी नहीं है लेकिन प्यार के बारे में स्टोरी है, ये बिल्कुल सच है.

इस बीच जब डन को ये मालूम पड़ता है तो कि आखिर में श्युली ने उसके बारे में पूछा था तो वह इस बात को जानना चाहता है लेकिन वह कोमा में है. फिल्म के आखिर में वह होश में आ भी जाती है लेकिन क्या वह डन को बताती है कि वह उसके बारे में क्यों पूछ रही थी. क्या वह डन से प्यार करती थी या फिर डन उससे प्यार करने लगा था इसके जवाब आपको सिनेमाघरों में मिलेंगे और फ़िल्म देखनी पड़ेगी.

फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो काफी शानदार है. हालांकि जो गाने फिल्म के मेकर्स ने रिलीज किये हैं वो फिल्म में नहीं सुनाई देंगे. किसी भी तरह के सीक्वेंस में कोई गाना यूज़ नहीं किया है. हालांकि ये बात आपको बोर नहीं करेगी.

फ़िल्म की स्टोरी को देखते हुए डायलॉग भी ठीक ही हैं और सीन्स को देखते हुए हल्की फुल्की कॉमेडी भी डाली गई है जिससे आपको बोरियत महसूस नहीं होगी. फ़िल्म का हर एक सीन देखने लायक है जो इसकी खूबसूरती को बढ़ाता है.

क्यों देखें फ़िल्म ऑक्टोबर

  • वरुण धवन के जबरा फैन हैं तो फ़िल्म देखना बनता है.
  • हालांकि इसमें जुड़वा 2 जैसा मजा नहीं आएगा क्योंकि स्टोरीलाइन अलग है.
  • बहुत दिनों से अच्छा फिक्शन देखने का मन है तो भी वीकेंड पर फ़िल्म एन्जॉय कर सकते हो.
  • शूजित सिरकार से कुछ उम्मीद की है तो भी फिल्म देखना बनता है.
First published: 13 April 2018, 8:08 IST
 
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