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'पद्मावत' की स्पेशल स्क्रीनिंग के बाद मीडिया ने फिल्म को दी 'क्लीन चिट'

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 January 2018, 11:09 IST

फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली ने एक बार फिर से सिद्ध कर दिया है वह बॉलीवुड के ग्रेट शो मैन हैं. किस तरह से एक टॉपिक को बड़े परदे पर भव्यता दी जाती है? कैसे कैरेक्टर्स को दर्शकों के दिल के करीब पहुंचाया जाता है और एक ग्रेट सिनेमा देखने का एहसास कैसे पैदा किया जाता है?

इन तमाम बातों के लिए भंसाली माहिर हैं. उनकी गुरूवार 25 जनवरी को रिलीज होनी वाली फिल्म ‘पद्मावत’ भी कुछ इसी तरह की फिल्म है जो फिल्ममेकिंग और फिल्मवॉचिंग की हर एक कसौटी पर खरी उतरती है.

 

फिल्म 'पद्मावत' में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी से लेकर राजा महा रावल रतन सिंह और रानी पद्मावती सभी इतने मजबूती के साथ बड़े परदे पर सामने आते हैं, जो दिलोदिमाग पर छा जाने के लिए काफी हैं. कुछ इसी तरह की भव्यता उनकी पिछली फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ में देखने को मिली थी. इसके बाद फिर से उन्होंने फिल्म 'पद्मावत' अपने टैलेंट और डायरेक्शन का लोहा मनवा दिया है.

 

फिल्म की शुरुआत में डिसक्लेमर के जरिए बता दिया गया है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य पर आधारित है. यहां तक कि फिल्म की कहानी में ऐसी किसी भी तरह की बात नहीं दिखाई गई है जिससे राजपूती शानोशौकत पर कोई असर पड़े.

फिल्म 'पद्मावत' की कहानी राजा रतन सिंह की है, जिसे सिंहल की पद्मावती (फिल्म में दीपिका पादुकोण) से इश्क हो जाता है. फिर 'पद्मावती' राजा रत्न सिंह से शादी करके चित्तौड़ की रानी बनती है लेकिन फिर एक गद्दार आता है, जो सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी को रानी पद्मावती को लेकर भड़का देता है. ये गद्दार रानी का बखान करता है और चित्तौड़ से बदला लेने के लिए खिलजी के साथ उतर आता है.

फिल्म की कहानी बिल्कुल वैसी ही है जैसी हम जानते आए हैं. यहां तक कि संजय लीला भंसाली ने कहा था कि खिलजी और पद्मावती का किसी भी तरह को कोई ड्रीम सीक्वेंस नहीं है. इसके लिए भंसाली पहले एक वीडियो जारी किया, अखबारों में विज्ञापन दिया था साथ ही फिल्म की रिलीज डेट के बाद एक ऑफिशियल लेटर भी जारी किया था. इस बात का सबूत फिल्म में इस बात से मिलता है कि इस फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती कहीं भी एक फ्रेम में नहीं हैं. फिल्म की कहानी बांधे रखती है और आखिर तक साथ चलती है.

फिल्म का विरोध करने वालों के लिए

फिल्म 'पद्मावत' का विरोध कर रहे लोगों को पहले इस फिल्म को देख लेना चाहिए. इस फिल्म में भंसाली राजपूताना शान को बेहतरीन ढंग से फिल्माया है. फिल्म को देखने के बाद करणी सेना और तमाम राजपूती संगठनों को शायद फिल्म देखने के बाद विरोध करने की अपनी गलती का एहसास हो जाएगा. फिल्म को लेकर जैसा हाइप है फिल्म बनी भी उतनी ही शानदार है. फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग देखकर मीडिया ने भी स्वीकार लिया है कि फिल्म ‘पद्मावत’ को नहीं देखी तो पछताना पड़ेगा.

First published: 24 January 2018, 11:09 IST
 
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