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Raazi Review: वतन के आगे कुछ भी नहीं..कुछ ऐसी है आलिया की जासूसी

विकाश गौड़ | Updated on: 11 May 2018, 15:46 IST

फिल्म- राज़ी
डायरेक्टर- मेघना गुलजार
स्टारकास्टः आलिया भट्ट, विकी कौशल, शिशिर शर्मा, जयदीप अहलावत और रजित कपूर
रेटिंग- 4 स्टार

फिलहाल और तलवार जैसी फिल्म बना चुकी डायरेक्टर मेघना गुलजार ने एक नई चुनौती स्वीकार की है. इस बार वह फिल्मों के लिए बहुचर्चित विषय जासूसी के साथ लौटीं हैं. मेघना गुलजार ने आलिया भट्ट और विकी कौशल को लेकर फिल्म बनाई है जिसका नाम है 'राज़ी'. ये फिल्म आज यानी शुक्रवार(11 मई) से सिनेमाघरों में देखी जा सकती है.

फिल्म 'राज़ी' का गाना है जिसको गुलजार ने लिखा है. इस गाने के बोल हैं, 'ऐ वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू' बस यही चंद पंक्तियां इस फिल्म को देखने के लिए काफी हैं. दावा है कि गाने की इन पंक्तियों को सुनकर आपके मन में छिपा देशप्रेम बाहर आ जाएगा और आप आलिया की एक्टिंग देखकर इमोशनल जरूर होंगे लेकिन ताली बजाने पर मजबूर हो जाएंगे.

फिल्म की कहानी

फिल्म 'राज़ी', साल 2008 में आए हरिंदर सिक्का के फेमस नोबेल ‘कॉलिंग सहमत’ का एडाप्टेशन है. 'राज़ी' की कहानी है साल 1971 की दिखाई गई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव पूरे चरम पर था. तभी सीमा पार से आये एक ‘सीक्रेट कोड’ ने भारतीय सेना के हौसलों को बुलंद कर दिया था. भारतीय सेना के हौसले ऐसे ही बुलंद नहीं हुए थे इसको एक कश्मीरी लड़की सेहमत ने कर दिखाया था.

दरअसल, पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए सहमत अपनी देशभक्ति को साबित करने के लिए जासूस बन जाती है. यही कारण है कि वह पाकिस्तान के आर्मी जनरल के लड़के (विकी कौशल) से शादी कर लेती है. यहीं से उसका मिशन शुरू हो जाता है कि वो हर रोज़ भारतीय ख़ुफ़िया तंत्र को पाकिस्तानी तमाम गतिविधियों की जानकारी पहुंचाए.

फिल्म में सहमत के पिता हिदायत खान यानी रजित कपूर को एक कश्मीरी बिज़नसमैन दिखाया गया है जो व्यापार के सिलसिले में अक्सर भारत से पाकिस्तान आया-जाया करता है लेकिन इस दौरान वह भारत की कुछ जानकारी पाकिस्तान के आर्मी ब्रिगेडियर परवेज सैय्यद यानी शिशिर शर्मा को देता है क्योंकि वो दोनों अच्छे दोस्त हैं. हिदायत इसी दोस्ती का सहारा लेकर अपने वतन की रक्षा के लिए बेटी की शादी परवेज के बेटे इकबाल से करा देता है.

इस फैसले में हिदायत की बेटी सहमत भी उनकी इस बात से सहमत हो जाती है और वतन की खातिर पाकिस्तान में भारत की आंख और कान बनकर रहने के लिए तैयार हो जाती है. इससे पहले सहमत को ट्रेनिंग देकर एक जांबाज जासूस बनाया जाता है. इस लड़ाई में उनका साथ देते हैं और सहमत को रॉ एजेंट खालिद मीर यानी जयदीप अहलावत तैयार करते हैं.

लेकिन पाकिस्तान में एक आर्मी परिवार के बीच रहकर यह सब कर पाना सहमत के लिए बहुत मुश्किल साबित होता है. इस दौरान सहमत को न चाहते हुए भी कई ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जिनसे वह परेशान होने लगती है. इस पूरी कहानी के बीच एक छोटी से प्रेम-कहानी भी है जो फिल्म को इमोशनली लोगों से जोड़ती है. क्या सहमत को उसका प्यार मिलता है फिर वह अपने देश के लिए कुर्बान हो जाती है. इस सब केे लिए आपको फिल्म देखने होगी.


फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो ये दमदार नजर आया है. इसके अलावा गुलजार के लिखे गीत लोगों को दिलों में समा जाने वाले हैं. फिल्म 'राज़ी' का टाइटल ट्रेक भी शानदार है. फिल्म को देखकर और साथ में म्यूजिक को सुनकर ऐसा लग रहा है जिसे म्यूजिक पर खास ध्यान दिया गया है. फिल्म की कमी की बात करें तो इसका तेज भागना है.

क्यों देखें फिल्म 'राज़ी'

आलिया भट्ट की दमदार एक्टिंग के लिए
मेघना गुलजार के डायरेक्शन के लिए
शंकर-एहसान-लॉय के म्यूजिक और गुलजार की शानदार लिरिक्स के लिए.
आलिया के साथ विकी कौशल की जोड़ी देखनी है तो फिल्म देख सकते हैं

First published: 11 May 2018, 15:46 IST
 
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