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Review of Reviews: क्या साल की सबसे विवादित फिल्म है 'लिप्स्टिक अंडर माय बुर्का' ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2017, 17:29 IST

इस साल की सबसे विवादित मानी जा रही फिल्म लिप्स्टिक अंडर माय बुर्का रिलीज हो चुकी है. अगर आप भी देखने जा रहे हैं तो जरूर पढ़े रिव्यूज आॅफ रिव्यू...

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लिपस्टिक अंडर माय बुर्का, इस साल की सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल फिल्म मानी जा रही थी. जिसमें कॉन्ट्रोवर्शियल कुछ भी नहीं है. पुरुषों के एडल्ट साहित्य पर कई फिल्में बन चुकी हैं. लेकिन महिलाओं के एडल्ट साहित्य पर ये शायद पहली फिल्म है. पहली इसलिए कि इससे पहले जो भी फिल्म आई हो ना तो उसका पहले नाम हुआ और ढंग का नहीं होगी इस वजह से किसी ने बाद में उसे पूछा नहीं.

रत्ना पाठक की आवाज के साथ कहानी जब शुरू होती है तो वो रोजी की बात करती हैं, लेकिन रोजी की स्टोरी कैसे चारों अदाकाराओं की जिंदगी का तानाबाना बुनती है ये इसके स्क्रीनप्ले का जादू है.

फिल्म की सूत्रधार ने कहीं पर भी रोजी के अलावा दूसरे नाम का प्रयोग नहीं किया है फिर भी सूत्रधार की आवाज से कब आप हीरोइन की जिंदगी में चले जाएंगे और फिर कैसे वापस इस आवाज पर लौटकर आ जाएंगे आपको पता ही नहीं चलेगा.

रत्ना पाठक की एक्टिंग पर इसलिए कुछ भी लिखना ठीक नही होगा क्योंकि उन्होंने खुद को बॉलीवुड में बहुत पहले से साबित कर दिया है. कोंकोणा सेन शर्मा ने मिडिल क्लास वाइफ की भूमिका में कमाल की एक्टिंग की है.

नवभारत टाइम्स: 

डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने फिल्म में दिखाया है कि हमारे समाज में औरतों के दुखों की कहानी एक जैसी ही है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाली हो, चाहे कुवांरी हो, शादीशुदा हो या फिर उम्रदराज. कोई जींस और अपनी पसंद के कपड़े पहनने की लड़ाई लड़ रही है, कोई उसे सेक्स की मशीन समझने वाले पति से अपने पैरों पर खड़ी होने की लड़ाई लड़ रही है, कोई अपनी मर्जी से सेक्स लाइफ जीने आजादी चाहती है, तो कोई उम्रदराज होने पर भी अपने सपनों के राजकुमार को तलाश रही है. दरअसल, वे सब अपनी फैंटसी को सच होते देखना चाहती हैं. फिल्म समाज के कर्इ चेहर को दिखाती है.

दैनिक जागरण:

महिलाओं की गहरी सोच के साथ पॉलिटिकल और पावरफुल लुक को इस फिल्म में दर्शाया गया है, जो आज जरूरी भी है. कहानी चार महिलाओं की है जो भोपाल से हैं. इन महिलाओं की जिंदगी आम महिलाओंं की तरह आगे बढ़ती है. शुरुआत में फिल्म दर्शकों के सामने उस दृश्य को पेश करती है जिसमें वो समाज और संस्कृति में अपने आपको ढालकर अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाती हैं जो हर महिला करती है. लेकिन अपने आपको बंधा पाकर वो अपनी आवाज उठाती है.

First published: 21 July 2017, 17:29 IST
 
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