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Review of the Review: सोचने पर मजबूर करने वाली विद्या की 'बेगम ज़ान' समाज पर करारा तमाचा है...

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 April 2017, 9:14 IST
Begum Jaan

'बेगम जान' श्रीजीत मुखर्जी की नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी बंगाली फिल्म 'राजकाहिनी' का हिंदी रीमेक है. इसकी कहानी 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद के बंगाल के एक कोठे पर रहने वाली 11 महिलाएं की है. जानें कैसा है फिल्म का रिव्यू... 

टाइम्स आॅफ इंडिया:  
बेगम जान की मुख्य किरदार विद्या बालन ने शानदार एक्टिंग की है. बांग्ला फिल्म की रिमेक इस फिल्म में सभी किरदारों ने बेहतरीन अभिनय किया है.

 

बाॅलीवुड भास्कर:
फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और साथ ही सिनेमैटोग्राफी, ड्रोन कैमरे से लिए हुए शॉट्स, डायलॉग्स भी कमाल के हैं. गोलीबारी के साथ-साथ आग के सीन भी बहुत कमाल के हैं. कहानी के लिहाज से स्क्रीनप्ले और बेहतर हो सकता था. साथ ही एडिटिंग काफी बिखरी-बिखरी जान पड़ती है, जिसे और अच्छा किया जा सकता था.

फिल्म की कास्टिंग कमाल की है. विवेक मुश्रान, चंकी पांडे, राजेश शर्मा, रजित कपूर, आशीष विद्यार्थी, पल्लवी शारदा, इला अरुण जैसे कलाकारों का काम काफी सहज है. बेगम जान का किरदार विद्या बालन ने बेहतरीन तरीके से निभाया है. उनका रूप-रंग और आवाज आपके कानों पर देर तक गूंजती रहती है. विद्या ने पूरी तरह से किरदार को अपना लिया है. 

आजतक : 
विद्या बालन को एक जानदार परफॉर्मेंस की दरकार थी, और उन्हें बेगम जान के साथ वह मौका मिल गया है. बेगम जान में उन्होंने दिखाने की कोशिश की है कि अगर रोल सॉलिड ढंग से लिखा गया हो तो वे उसे बेहतरीन ढंग से अंजाम दे सकती हैं. ऐसा मौका इस बार उनके हाथ लग गया है. बंगाली हिट फिल्म राजकहिनी के इस हिंदी रीमेक में हर वह बात जो एक बेहतरीन सिनेमा के लिए जरूरी होती है. फिर चाहे वह बेहतरीन अदाकारी हो, कैमरे का कमाल हो, सॉलिड कैरक्टराइजेशन हो या कहानी. हर मोर्चे पर 'बेगम जान' खरी उतरती है. फिल्म पूरी तरह से इस बात पर फोकस है कि मर्दों की दुनिया में औरतों को अपने दम पर जीना और मरना दोनों ही आता है. 

First published: 14 April 2017, 9:10 IST
 
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