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Stree Movie Review: ये 'स्त्री' नए भारत की पढ़ी-लिखी चुड़ैल है, इसे सब पता है..

विकाश गौड़ | Updated on: 31 August 2018, 7:13 IST

फिल्म: स्त्री
डायरेक्टर: अमर कौशिक
स्टार कास्ट: राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, अपारशक्ति खुराना, अभिषेक बनर्जी और पंकज त्रिपाठी
रेटिंग: 4 स्टार

ओ स्त्री कल आना... यही सब देखा था आपने फिल्म 'स्त्री' के ट्रेलर में जिसमें बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर नजर आए थे. अब ये ट्रेलर ही नहीं पूरी फिल्म रिलीज हो गई है, जिसे आप अपने नजदीकी सिनेमाघरों में देख सकते हैं. अमर कौशिक के डायरेक्शन डेब्यू फिल्म 'स्त्री' आपको हंसाएगी, डराएगी और बहुत कुछ सिखाएगी.

इसका बात की गांरटी है कि फिल्म 'स्त्री' को देखकर आप एक पल को डरेंगे तो उसी पल हंसेंगे भी. क्योंकि इस फिल्म को फेमस राइटर फिल्म मेकर राज और डीके की जोड़ी ने लिखा है. फिल्म के डायलॉग से लेकर हर एक चीज पर बारीकी से ध्यान दिया गया है. वैसे भी फिल्म 'स्त्री' को लेकर लोगों में जबरदस्त हाइप बना हुआ है.

फिल्म 'स्त्री' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. उससे पहले ये जान लीजिए कि फिल्म का प्लॉट कैसा और क्या यह देखने लायक है. या फिर बतौर डेब्यू डायरेक्टर अमर कौशिक से कोई चूक हो गई है. इस सबके जवाब आपको फिल्म 'स्त्री' के रिव्यु में मिल जाएंगे. तो देर न करते हुए पढ़िए फिल्म 'स्त्री' का रिव्यु...

फिल्म 'स्त्री' की कहानी

फिल्म 'स्त्री' की कहानी मध्यप्रदेश के चंदेरी नाम की एक जगह पर बेस्ड है. हालांकि, इस फिल्म के सभी पात्र और घटनाएं काल्पनिक हैं. फिल्म 'स्त्री' में वैसे तो पांच किरदार हैं, लेकिन फिल्म दो या तीन के ही इर्द गिर्द है. इसमें विकी यानी राजकुमार राव एक लेडीज टेलर बने हैं, जो महिलाओं को देखकर उनके ब्लाउज से लेकर लहंगा तक सब सिल सकते हैं.

विकी के दो दोस्त हैं, जिनमें एक बिट्टू यानी अपारशक्ति खुराना है जो रेडीमेट गार्मेंट का काम करता है और दूसरा है जना यानी अभिषेक बर्मन. वहीं, फिल्म 'स्त्री' का चौथा किरदार है रुद्र यानी पंकज त्रिपाठी. 'स्त्री' में जैसे ही पंकज त्रिपाठी की एंट्री होती है वैसे ही फिल्म की कहानी में टर्न और ट्विस्ट आने शुरू हो जाते हैं. लेकिन अभी तक 'स्त्री' का कोई खास रोल नहीं होता.

चंदेरी वाले 4 दिन की पूजा रखते हैं. इन्हीं दिनों हर साल श्रद्धा कपूर वहां आती हैं. श्रद्धा कपूर के आने से फिल्म की कहानी और पेचीदा हो जाती है. इस पूजा के दौरान लोग अपने घरों पर लिखवा लेते हैं कि ओ स्त्री कल आना...इस बात को रुद्र यानी पंकज त्रिपाठी समझाते हैं कि वह नए भारत की पढ़ी लिखी चुड़ैल है, सब जानती है वह सबका आधार लिंक है उसके पास.

फिल्म 'स्त्री' को देखने की एक नहीं तमाम वजह हैं. गजब की बात ये है कि इस फिल्म में श्रद्धा कपूर का कोई अपना नाम नहीं है. क्या श्रद्धा कपूर ही 'स्त्री' है. अगर है तो वह इन लोगों की मदद क्यों करती है और क्यों लोग कहते हैं ओ स्त्री कल आना...इतने सारे सवाल आपको ढूढ़ने हैं तो फिल्म 'स्त्री' को थियेटर में जाकर देखना होगा. वहीं, इसके जवाब मिल जाएंगे.

फिल्म 'स्त्री' का जितना कंटेट दमदार है, उतना ही फिल्म का डायरेक्शन तारीफ के काबिल है. इसके अलावा स्क्रीनप्ले और म्यूजिक पर भी मेकर्स ने काम किया है. हालांकि, फिल्म 'स्त्री' के अब तक रिलीज हुए कुछ गानों को उतना पसंद नहीं किया गया है लेकिन फिल्म में जरूरत के हिसाब से चीजों को यूज कर इसके अच्छा बनाया गया है. हालांकि, मेकर्स इसके क्लाइमेक्स को अच्छे से नहीं कर पाए हैं.

इसके अलावा डायलॉग्स और पंच्स की बात करें इसको सभी कलाकारों ने बेहतरीन तरीके से बोला. खासकर पकंज त्रिपाठी और राजकुमार राव की बात करें तो. इसके अलावा अपारशक्ति ने अपनी अपार क्षमता के साथ काम कर दर्शकों का दिल जीतने का काम किया है. लेकिन इस फिल्म का मुकाबला धर्मेंद्र सनी देओल और बॉबी देओल की फिल्म 'यमला पगला दीवाना फिर से' से है.

First published: 31 August 2018, 7:10 IST
 
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