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Veere Di Wedding Review: जब तक गले में मंगलसूत्र न पड़े, तब तक लाइफ कंप्लीट नहीं होती

दीपाली श्रीवास्तव | Updated on: 2 June 2018, 15:59 IST

फिल्म: वीरे दी वेडिंग

डायरेक्टर: शशांक घोष

स्टार कास्ट: करीना कपूर खान, सोनम कपूर आहूजा, शिखा तलसानिया, स्वरा भास्कर, सुमित व्यास

रेटिंग: 2.5 स्टार

डायरेक्टर शशांक घोष इससे पहले फिल्म ‘खूबसूरत’, ‘वैसा भी होता है पार्ट 2’, जैसी कई फिल्में बना चुके हैं और अब उन्होंने बॉलीवुड की एक्ट्रेस करीना कपूर खान, सोनम कपूर आहूजा, शिखा तलसानिया, स्वरा भास्कर और एक्टर सुमित व्यास के साथ कॉमेडी, एडल्ट फिल्म वीरे दी वेडिंग बनाई है. ये फिल्म आज 1 जून को रिलीज हो गई है.

फिल्म की कहानी-

अब आपको इस फिल्म के बारे में बताते है. इस फिल्म की शुरुआत कॉलेज की चार लड़कियों से यानि कि इस फिल्म की ‘वीरे’ अवनी (सोनम कपूर आहूजा), मीरा (शिखा तलसानिया), साक्षी सोनी (स्वरा भास्कर) और कालिंदी पुरी (करीना कपूर खान) से होती हैं, जो अपना कॉलेज खत्म करने जा रही हैं. कॉलेज खत्म होने के 10 साल बाद इन चारों दोस्तों की जिंदगी की स्थिति बदल जाती है. इन चारों दोस्तों में से दो तो शादी कर लेती हैं लेकिन दो अभी तक कुवांरी होती हैं, जिसमें साक्षी शादी तो कर चुकी होती है लेकिन उसके बाद अपने पति से तलाक लेकर वापस दिल्ली आ जाती है.

उसके बाद मीरा जो कि अपने पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर अमेरिका में रह रहे जॉन से शादी कर लेती है और उनसे उनका एक बेटा भी होता है जिसका नाम कबीर है. फिर आती है अवनी जो कि अपनी लॉ की पढ़ाई पूरी करके मेट्रीमोनियल वकील बन जाती हैं और अब शादी करने के लिए काफी उत्सुक होती हैं. इसका एक कारण अवनी की मां भी थी जो कि उनकी शादी को लेकर काफी परेशान थी.

अगर ऐसे देखे तो फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ दोस्ती से लेकर शादी तक और उसके बाद आने वाले उतार-चढ़ाव के बीच की कहानी है, जिसे डायरेक्टर शशांक ने फिल्म में बयां किया है. जैसा कि इस फिल्म का एक डायलॉग भी है, 'जब तक गले में मंगलसूत्र न पड़े, तब तक लाइफ कंप्लीट नहीं होती.' इन सबके बाद आती है कालिंदी जो कि ऑस्ट्रेलिया में रह कर अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं और ऋषभ (सुमित व्यास) के साथ 3 साल के रिलेशनशिप में होती है. ऋषभ कालिंदी को शादी के लिए प्रपोज करता है और कालिंदी थोड़े वक्त में सोचने के बाद ऋषभ को शादी के लिए हां कर देती है इसके बाद ये लोग ऑस्ट्रेलिया से इंडिया आ जाते हैं.

कालिंदी की शादी की खबर सुनते ही बाकि तीनों दोस्त खुशी से उछल पड़ती है और अपनी दोस्त की शादी को अटेंड करने के लिए इंडिया आ जाती हैं. कालिंदी और ऋषभ की शादी के लिए पूरा परिवार तैयारियों में जुट जाता हैं लेकिन कालिंदी अपने लिए हुए स फैसले के बीच स्ट्रगल कर रही होती हैं. इन चारों दोस्तों ने अपनी शादी लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव झेले हुए होते है, जिसका पता आखिरी में चलता है उसके बाद ये लोग इस सारी स्थिती से बाहर कैसे आती हैं, इसके लिए आपको अपने पास के सिनेमाघर में जाकर ये फिल्म देखनी पड़ेगी.

इस फिल्म में एडल्ट सीन्स के साथ उसी तरह के डायलॉग्स भी बोले गए है, जिसकी वजह से इसे एडल्ट कैटेगरी में रखा गया है. कॉमेडी से भरपूर फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ में मॉडर्न जमाने की लड़कियों की कहानी दिखाई गई है, जो कि हर चीज करने में भरोसा रखती हैं. जो भी करती है उसे एक्सेप्ट करने की भी हिम्मत रखती हैं. इसके साथ ही इसमें चारों दोस्तों की काफी अच्छी बॉन्डिंग भी दिखाई गई हैं.

नोट- फिल्म को देखने के लिए साथ में बच्चों को ना लेकर जाएं.

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First published: 1 June 2018, 19:37 IST
 
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