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आज से 6 साल पहले 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' इन 10 फेमस डायलॉग्स ने लगा दी थी आग

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 June 2018, 19:00 IST

आज से छह साल पहले यानी 22 जून साल 2012 को निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर रिलीज हुई थी. यह फिल्म जिला धनबाद के वासेपुर शहर में हुई गैंगवार कहानी पर बनी हुई है. इस फिल्म ने लोगों के दिल में जगह बनाई तो वह वजह थी फिल्म के डायलॉग्स जिन्होंने हर किसी फिल्म देखने पर मजबूर कर दिया था.

फिल्म में मनोज वाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा, हुमा कुरैशी और रिचा चड्ढा ने बेहतरीन अदाकारी की थी. फिल्म में मनोज वाजपेयी ने सरदार खान के रोल को अच्छी तरह से निभाया था. 

ये है फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के 10 फेमस डायलॉग्स

1. उस हरामी को मिटाना है हमें...गोली नहीं मारेंगे...कह के लेंगे उसकी.

2. मैं जब सोचता हूं...तो उस हरामी को तकलीफ देता हूं.

3. ग़रीबी तो देती है जो रिश्ते ख़ास होते हैं...और पराये अपने होते हैं जब पैसे पास होते हैं.

4. सरदार खान नाम है हमारा...बता दीजियेगा उसको.

5. हर यार वफ़ादार नहीं होता...हर फूल चमकदार नहीं होता...न जाने बाग़ में कितने फूल खिले हैं...हर फूल ख़ूबसूरत नहीं होता

6. इंसान दो ही नस्ल के होते हैं..एक तो हरामी और दूसरे बेवक़ूफ़.

7. इतनी गोली मारते कि आपका ड्राइवर भी खाकी खोका बेचकर रईस बन जाता.

8. हम परपेंडिकुलर हैं...हमले लिए ना ऐसा ही होता है..

9. ना हो पाएगा...बेटा तुमसे ना हो पाएगा.

10. बाप का, भाई का, दादा का...सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल.

First published: 22 June 2018, 19:00 IST
 
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