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शहर...शहर...'पद्मावत' के विरोध में करणी सेना, सुप्रीम कोर्ट को भी दी नष्ट करने की धमकी

विकाश गौड़ | Updated on: 21 January 2018, 16:48 IST

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति के बाद रिलीज में बस चार दिन बचे हैं. इसके बाद भी फिल्म से संकट के बादल छटने का नाम नहीं ले रहे.

शुरुआत से ही फिल्म के विरोध में खड़ी हुई करणी सेना ने अब अफरा तफरी मचा रखी है. यहां तक कि करणी सेना को भंसाली ने फिल्म दिखाने का न्योता भी दिया लेकिन इस राजपूत संगठन ने उनके इस इनविटेशन को स्वीकार नहीं किया.

शनिवार की रात गुजरात के कई इलाकों में फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन होने के बाद परेशान मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने करणी सेना की दहशत की वजह से थियेटर्स में फिल्म दिखाने के लिए मना कर दी है यहां तक कि एक सिनेमाघर को तो करणी सेना के लोगों ने काफी नुकसान भी पहंचाया है. इस प्रदर्शन की भेंट निकोल का राजहंस सिनेमा चढ़ा.

करणी सेना और कुछ राजपूती संगठनों ने फिल्म 'पद्मावत' के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और गुजरात के मेहसाणा में कई बसों को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं 'पद्मावत' के विरोधियों ने सड़क पर आने जाने वालों को भी बाधित किया इस बीच गुजरात पुलिस बेबस नजर आई. यहां तक कि पुलिस ने मेहसाणा डिपो से तकरीबन सौ बसों को निकलने ही नहीं दिया. 

आपको बता फिल्म 'पद्मावत' को कुछ बदलावों के साथ सेंसर बोर्ड ने U/A सर्टिफिकेट दे दिया. इसके बाद मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट 25 जनवरी रखी है. गौरतलब है इस फिल्म का नाम पहले पद्मावती था जिसे बदलकर पद्मावत किया गया है. इसके साथ-साथ 'घूमर' गाने में केवल प्रमाणिक सीन ही लगेगें.

साथ ही कुछ आपत्तिनजक शब्दों को भी फिल्म से हटा लिया गया है और मेकर्स को फिल्म में डिस्कलेमर भी देना होगा कि ये फिल्म मलिक मुहम्मद जायसी की रचना पर आधारित है जो सती प्रथा का समर्थन नहीं करती. इस फिल्म में दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती, शाहिद कपूर राजा महारावल रत्न सिंह और रनवीर सिंह सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं. 

 

इससे पहले राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा की सरकार ने फिल्म पर रोक लगा दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट इन राज्यों में लगे बैन को हटाया बल्कि ये भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है न कि सुप्रीम कोर्ट की.

करणी सेना इस सबके बावजूद भी फिल्म को रिलीज नहीं होने देना चाहती. यही कारण है कि वो लगातार शहर...शहर...विरोध कर रही है और थियेटर चालकों को हिदायत दे रही है कि फिल्म रिलीज होगी तो अंजाम भुगतना. इसके अलावा करणी सेना के एक सदस्य ने तो यहां तक कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट में भी आग लगा देंगे.

First published: 21 January 2018, 16:48 IST
 
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