Home » बॉलीवुड » Mukesh Birthday Special: Legend Singer Mukesh Ji wants to be an Actor that's why his financial Condition goes down
 

बर्थडे स्पेशलः नगमों के बेताज बादशाह मुकेश जी की वो हसरत जो अधूरी रह गई

विकाश गौड़ | Updated on: 22 July 2018, 9:11 IST

बॉलीवुड इंडस्ट्री में दर्द भरे नगमों का अगर कोई बेताज बादशाह था तो वो थे मुकेश जी. इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि दुनिया के जाने-माने सिंगर मुकेश की आवाज की गूंज लंबे समय तक रहेगी. वहीं, उनकी गायकी का दौर फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक था. यही कारण है कि आज भी उनके नगमे बड़े प्यारे लगते हैं.

मुकेश ने बतौर सिंगर इतना नाम कमाया था जिससे आज के सिंगर महरूम रह जाते हैं. लीजेंड सिंगर मुकेश की एक हसरत थी जो अधूरी रह गई. दरअसल, मुकेश एक्टर बनकर दुनिया में नाम कमाना चाहते थे, जो उनका ख्वाब पूरा नहीं हुआ. हालांकि, बाद में उनकी सिंगिंग लोगों को इतनी पसंद आई जो वह बतौर एक्टर न कर पाते.

22 जुलाई 1923 को दिल्ली में जन्मे मुकेश का असली नाम था मुकेश चंद माथुर. बचपन से गायकी का शौक रखने वाले मुकेश का मन पढ़ाई में लगता ही नहीं था. यही वजह रही कि मुकेश ने 10वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी. हालांकि, इस बीच उन्होंने लोक निर्माण विभाग(पीडब्लूडी) में नौकरी कर ली.

पीडब्लूडी में नौकरी करते समय वह आपने बेशकीमती शौक को नहीं भूले थे. सिंगिंग के प्रति रुझान और लगन की वजह से वह इस तोहफे को दुनिया तक पहुंचाना चाहते थे. यही कारण रहा है कि उन्होंने नौकरी करते समय वॉइस रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दिया और सिंगिग की दुनिया के बेताज बादशाह बने.

हालांकि उनके लिए ये सब उतना आसान नहीं था जो कि वो सोच बैठे थे. लेकिन कहते हैं न किस्मत कब कौन से दरवाजे से दस्तक दे और आप के भाग्य के द्वार हमेशा के लिए खोल दे. ठीक ऐसा ही कुछ मुकेश चंद माथुर के साथ हुआ और एक वाकये ने उनकी जिंदगी बदल दी.

मुकेश की जिंदगी उस मौके पर बदली जब उनके घर में खुशियां ही खुशियां पसरी हुई थीं. दरलअसल, उन दिनों मुकेश जी की बहन की शादी थी और उन्होंने अपनी बहन और होने वाले बहनोई के लिए शादी समारोह में एक गाना गाया. यही वो आवाज थी जो उन्हें मुंबई खींच लाई.

बताया जाता है कि मुकेश की बहन की शादी में आए वीआईपी गेस्ट और उनके दूर के रिश्तेदार मोतीलाल को मुकेश का वो गाना और उनकी खनकती आवाज इतनी पसंद आई कि झट से उन्होंने मुकेश को एक ऑफर दे दिया. फिर क्या था मुकेश चंद माथुर ने बिना सोचे उस हां कर दी क्योंकि सिंगिग उनका शौक ही नहीं बल्कि जुनून था.

मोतीलाल का ऑफर पाकर शादी की सभी रस्में निभाकर मुकेश मायानगरी मुंबई के लिए रवाना हो गए. मुंबई में मोतीलाल जी ने मुकेश चंद माथुर को संगीत गुरु पंडित जगन्नाथ प्रसाद को सौंप दिया. यहीं, इस हीरे की असली परख हुई. यहां से निकलकर मुकेश चंदर माथुर सिंगर मुकेश बन गए.

देखते ही देखते मुकेश जी के तमाम नगमे हिट हो गए. इसके बाद मुकेश जी अपनी हसरत पूरी करना चाहते थे. यही कारण था कि मुकेश ने साल 1941 में आई फिल्म 'निर्दोष' से एक्टिंग में हाथ आजमाया. लेकिन ये फिल्म ज्यादा नहीं चल पाई क्योंकि लोग जिसे जिस रूप में देखना पसंद करते हैं उसकी लत लग जाती है.

ऐसा नहीं है कि मुकेश ने अपनी इस ख्वाहिश को पाने की कोशिश नहीं की हो लेकिन कई मर्तबा प्रयास करने के बाद मुकेश अच्छे एक्टर नहीं बन पाए और सिंगर बनकर ही रह गए. सिंगर भी ऐसे वैसे नहीं बल्कि वर्ल्ड क्लास थे. अगर कोई दूर से भी उनके नगमे सुन ले तो खिंचा चला आए.

बताया जाता है कि अपने इस शौक को पूरा करने चक्कर में मुकेश की माली हालत खराब हो गई थी. एक दौर तो ऐसा भी आया कि उनके पास बच्चों को पढ़ाने तक के लिए पैसे नहीं बचे थे. बता दें कि बॉलीवुड एक्टर नील नितिन मुकेश सिंगर मुकेश के पोते हैं.

मुकेश जी के आखिरी समय की बात करें तो वो राजकपूर की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' के गाने 'चंचल निर्मल शीतल' की रिकॉर्डिग पूरी करने के बाद अमेरिका गए थे. यहां मुकेश को एक कंसर्ट में भाग लेना था. लेकिन यहां 27 अगस्त 1976 को उनको दिल का दौरा पड़ा और वहीं उनका निधन हो गया.

First published: 22 July 2018, 9:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी