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जब पत्नी नंदिता ने लिखी किताब और ओम पुरी भड़क गए

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 January 2017, 12:05 IST
(एजेंसी)

हिंदी सिनेमा के जाने-माने एक्टर ओम पुरी दुनिया से खामोशी के साथ चले गए. उनकी असमय विदाई से प्रशंसक और सिनेमा जगत गम में डूबे हुए हैं. ओम पुरी जब तक जिंदा रहे, बेबाकी के साथ जिये और शायद यही कारण था कि हमेशा विवादित भी बने रहे.

चाहे अन्ना आंदोलन के समय मंच से लोकतंत्र के पहरुओं को उनका चेहरा दिखाना या फिर भावना की रौ में ऐसा बह जाना की किसी के खिलाफ भी सार्वजनिक तौर पर आपत्तिजनक बातें कह देना. कुछ था ओमपुरी में जो विवादित होते हुए भी दिल के करीब थे. आज जब वो नहीं हैं तो दिल के और भी करीब हैं.

अन्ना के आंदोलन में ओमपुरी मंच पहुंचे और माइक थाम कर वो कह गये जो शायद कड़वा था, सार्वजनिक तौर पर लोकतंत्र की ऐसी आलोचना शायद ही किसी ने की हो और किसी ने सुनी हो.

ओमपुरी की पत्नी नंदिता पुरी ने जब उनके जीवन पर किताब लिखी और जब ओमपुरी उसका लोकार्पण करने पहुंचे तो किताब के कुछ अंश को लेकर इतना नाराज हुए कि वो किताब 'अनलाइकली हीरो: ओमपुरी' मीडिया की सुर्खियों में छा गई.

इस किताब के जरिये नंदिता ने ओमपुरी की जिंदगी के वो राज खोले हैं जिसे शायद ओमपुरी जिंदगी भर किसी को अपनी जुबान से नहीं बता सकते थे. लेकिन आज वो राज हर किसी के सामने किताब की शक्ल में हैं.

नंदिता ने किताब के जरिये बताया है कि ओमपुरी ऐसे माहौल में पले बढ़े जहां महिलाओं से उनका सामना नहीं हुआ.

ऐसा माहौल में जहां सिवाय उनकी मां के कोई दूसरी महिला नहीं थी जब तक कि ओम सनौर में अपने मामाजी के घर नहीं चले गए. वहां भी उनकी उम्र की कोई लड़की नहीं थी. वो सिर्फ अपनी मामी और उनकी नौकरानी को जानते थे. इसलिए जाहिर था कि ओम खुद से बड़ी उम्र की महिलाओं की तरफ आकर्षित होते.

किताब में बताया गया है कि ओमपुरी ने अपने जीवन में पहली बार किसी महिला से संबंध बनाये तो इस समय उनकी उम्र 14 साल की थी. उनके मामाजी के घर में 55 साल की नौकरानी काम करती थी.

ओमपुरी की जिंदगी के इस राज को खुद उनकी पत्नी ने किताब के पन्नों में दर्ज किया है. 55 साल की वो नौकरानी ओमपुरी का पहला प्यार थी.

किताब के मुताबिक नौकरानी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद 14 साल के ओम बड़ी महिलाओं की तरफ आकर्षित होने लगे. ये शायद ओम की बेवकूफी थी कि उन्होंने छत पर सो रही अपनी छोटी मामी को छेड़ने की कोशिश की. ये ऐसी हरकत थी जिसने ओम को बेघर कर दिया.

आंध्र प्रदेश से आई मां-बेटी ओमपुरी की देखभाल करती थीं. हालांकि पहले दोनों वर्सोवा के एक मछली मार्केट में काम करती थीं मगर ओमपुरी की परेशानी देखकर वो पूरी तरह से उनके यहां काम करने लगीं. दोनों मां-बेटी ने ओम का घर अच्छी तरह संभाला.

किताब के मुताबिक ओमपुरी नौकरानी की बेटी को पसंद करने लगे थे. ओमपुरी ने फैसला किया कि वो उस लड़की से शादी करेंगे. ओमपुरी को लगा कि उस लड़की से शादी करके वो समाज के सामने एक मिसाल पेश करेंगे. मगर असल जिंदगी और फिल्मी किरदार में फर्क होता है.

ओमपुरी को भी ये बात वक्त रहते समझ आ गई. उन्हें जिंदगी में काफी कुछ पाने की चाहत थी. वो जिंदगी को एक ऐसे मुकाम पर ले जाना चाहते थे जहां उन्हें किसी भी चीज की कमी न हो. न धन दौलत की और न प्यार की. शायद इसीलिए ओम पुरी ने अपनी नौकरानी लक्ष्मी को छोड़ने का फैसला कर लिया.

वहीं लक्ष्मी इतनी आसानी से हार मानने वाली नहीं थी. वो छत पर चढ़ गई और चीखने लगी कि सातवें माले से छलांग लगा देगी. जब ओम ने उसे ऐसा करने से रोका तो वो चीख पड़ी 'नहीं मुझे मरने दो' । एक रिश्ते का इससे ज्यादा नाटकीय अंत नहीं हो सकता था.

ओमपुरी की जिंदगी के ये राज जो खुद उनकी पत्नी नंदिता ने दुनिया के सामने रखे. इस राज के सामने आने के बाद ओम पुरी बहुत गुस्सा हुए और काफी हद तक टूट गये.

शायद ओमपुरी ने ये सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी जिंदगी के खुली किताब बनाने वाली उनकी पत्नी दुनिया के सामने वो राज भी खोल देंगी, जिसे सोचकर उन्हें पछतावा या शर्म महसूस होती है.

ओमपुरी ने किताब सामने आने के बाद कहा, "मैंने नंदिता को मेरी आत्मकथा के बारे में बोलते हुए सुना. मैं चौंक गया. वो बहुत ही घटिया बात कर रही थीं मेरे बारे में. वो इतने गर्व से बता रही थी कि मानों ये मेरी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धी थी. मैं उसको छोडूंगा नहीं. चाहे वो मेरी बीवी ही क्यों न हो."

ओमपुरी ने कहा कि मेरी बीवी को कम से कम रिश्तों की मर्यादा का ख्याल तो करना चाहिए था. वो शायद ये भूल गई कि मेरी भी समाज में कुछ इज्जत है. मैंने ये इज्जत पाने के लिए मेहनत की है.

उन्होंने कहा कि मैं 7 साल का था तब मैं एक चाय की दुकान पर काम करता था. जब मैं पहली बार एफटीआईआई  पुणे आया तो मेरे पास अच्छे कपड़े नहीं थे. उस समय नसीरुद्दीन शाह ने अपनी कमीज उधार दी थी.

उस किताब ने ओमपुरी और नंदिता के बीच रिश्तों को इतना तल्ख बना दिया कि दोनों के बीच 26 साल पुराना शादी का रिश्ता टूट गया. ओमपुरी ने दो शादी की थी. नंदिता उनकी दूसरी पत्नी थीं. उनकी पहली पत्नी थीं सीमा कपूर. ओमपुरी पर नंदिता ने मारपीट का भी आरोप लगाया था.

18 अक्टूबर 1950 को बॉलीवुड के अभिनेता ओम पुरी का जन्म हरियाणा के अंबाला में एक पंजाबी परिवार में हुआ था. ओमपुरी को साल 1990 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

पुरी पुणे के फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के छात्र थे. एक्टर ने 1973 के बैच में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से नसीरुद्दीन शाह के साथ पढ़ाई की थी.

First published: 6 January 2017, 12:05 IST
 
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