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जगजीत सिंह की गजल सुनकर उड़ान के दौरान मस्त हो गया पायलट, आधे घंटे नहीं कराई थी लैंडिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 February 2019, 11:10 IST

गजलों की महफिल में आप जब भी जाते होंगे जुबान पर एक ही नाम आता होगा 'गजलों के राजा' जगजीत सिंह. आज जगजीत सिंह जी का जन्मदिन है और अगर आज वो हमारे बीच मौजूद होते तो इस दिन को मना रहे होते. आज भी जगजीत सिंह हमारे बीच उनकी गजलों के जरिए जिंदा है और आज आपको उनसे जुड़े कुछ किस्से सुनाने जा रहे हैं. जो शायद ही आपने कहीं सुने होंगे. जगजीत सिंह की गजलों और गानों की जो दीवानगी थी वो आज भी सभी को दीवाना बनाए हुए है.

 

एक बार कुछ ऐसा हुआ था कि जगजीत सिंह एक प्लेन में सफर कर रहे थे जब वहां मौजूद लोगों को पता चला कि सभी के बीच जगजीत मौजूद हैं. तो वहीं सभी यात्री उनसे गजल सुनाने की फरमाइश करने लगे और जगजीत सिंह राजी हो गए. जब जगजीत सिंह ने गजल सुनानी शुरु कि तो समां बंध गया. प्लेन के पायलट ने कंट्रोल रुम में कॉल करके कहा कि आधे घंटे की देरी से प्लेन लैंड करेगा और आधे घंटे तक प्लेन हवा में ही लटका रहा.

तो वहीं कुछ किस्सा ऐसा भी है कि जगजीत सिंह के साथ हॉस्टल में लड़के रहना पसंद नहीं करते थे क्यों जगजीत सिंह सुबह तड़के 4 बजे उठकर रियाज़ करते थे और इससे सभी को दिक्कत होती थी. जगजीत सिंह ने कई गजलों और गानों में अपनी आवाज का जादू चलाया. देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी उनके गानों और गजलों का चर्चा था.

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भारत सरकार की तरफ से जगजीत सिंह को साल 2003 में 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा गया था और साल 2011 में जगजीत सिंह को यूके में गुलाम अली के साथ परफॉर्म करना था, लेकिन केरेबल होमोर्हेज की वजह से उन्हें 23 सितम्बर 2011 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया. जगजीत सिंह की हालत बिगड़ती गई और वो कोमा में चले गए और 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह ने आखिरी सांसें ली और दुनिया को अलविदा कह दिया.

First published: 8 February 2019, 11:10 IST
 
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