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'पद्मावत' की रिलीज पर बैन, तो क्या सेंसर बोर्ड से बड़ी हैं राज्य सरकारें!

विकाश गौड़ | Updated on: 17 January 2018, 12:52 IST

बॉलीवुड के फेमस फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' की शूटिंग के बाद से ही विवादों में रही है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने भले ही सशर्त फिल्म की रिलीज को अनुमति दे दी हो लेकिन कुछ राज्य सरकारें अभी भी फिल्म की रिलीज नहीं करना चाहतीं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस स्वायत्त संस्था (ऑटोनमस बॉडी) के मायने क्या हैं?

दरअसल सेंसर बोर्ड का काम है फिल्मों के बड़े परदे पर उतरने से पहले उसके साथ न्याय करना. इसका मतलब है कि दर्शकों को किस तरह की सामग्री लोगों के सामने परोसी जाए. किस वर्ग के लोग फिल्म देख सकते हैं? और तमाम मुद्दों पर फिल्म को न्यायसंगत तरीके से देखने योग्य बनाना. अब तक सेंसर बोर्ड ने हजारों फिल्मों की रिलीज का रास्ता साफ किया.

फिल्म 'पद्मावत' के साथ भी सेंसर बोर्ड ने यही सब किया उसके बाद भी फिल्म को अब तक चार राज्य सरकारों ने रिलीज की अनुमति नहीं दी है. इसके अलावा फिल्म मेकर ने भी कई बार फिल्म को लेकर सफाई दी है, लेकिन फिर भी पद्मावत को लेकर लोग और राज्य सरकारें आश्वस्त नहीं हैं.

हालांकि फिल्म मेकर्स और फिल्म के स्टार्स ने सेंसर बोर्ड के सुझावों को मानकर पद्मावत की नई रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है. ये फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी हैं. इस फिल्म बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण रानी पद्मावती, एक्टर शाहिद कपूर राजा महारावल रत्न सिंह और रनवीर सिंह सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं. 

राजस्थान से लेकर गुजरात तक बैन

CBFC से हरी झंडी मिलने के बाद सबसे पहले राजस्थान सरकार ने इसकी रिलीज पर सवाल उठाए और फिल्म 'पद्मावत' को राज्य में बैन कर दिया. इसके पीछे राजे सरकार ने कारण ये दिया कि फिल्म राज्य के राजपूतानी मान मर्यादा और गौरव का हनन करती है.

इसके अलावा, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में फिल्म को बैन कर दिया है. इसके साथ-साथ देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से भी फिल्म की रिलीज बैन को लेकर संकेत मिले थे लेकिन फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है. गौरतलब है कि जिन सरकतारों ने फिल्म को बैन किया वहां भाजपा की सरकारे हैं.

सवाल ये है कि जब सेंसर बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम ने इस फिल्म को रिलीज करने का फैसला किया है तो फिर राज्य सरकारों के इससे आपत्ति क्यों है. इस 6 सदस्यीय पैनल में इतिहासकारों के अलावा राज घराने के सदस्य भी शामिल थे. इसके साथ-साथ मेकर्स ने खुद सफाई दी है यह फिल्म ऊर्दू के मशहूर कवि मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य पद्मावत पर बेस्ड है.

साथ ही करणी सेना को आशंका थी इस फिल्म में रानी पद्मावती और सुल्तान खिलजी के बीच इसमें ड्रीम सीक्वेंस फिल्माया गया है. इस बात को भी संजय लीला भंसाली ने नकार दिया है. जिसके पुष्टि के लिए उन्होंने पहले एक वीडियो रिलीज किया था और अब एक ऑफिशियल लेटर जारी किया है.

 

सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी फिल्मों में कांट-छांट को लेकर सुर्खियों में रहे थे. गौर करने वाली बात ये रही कि उन्होंने फिल्मों को सशर्त रिलीज करने की अनुमति दी थी. उनके कार्यकाल के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा फिल्म 'उड़ता पंजाब' का था. इस फिल्म को लेकर राज्य (पंजाब) सरकार ने फिल्म से नाम हटाने और साथ ही तमाम कट लगाने को कहा था.

बाद में फिल्म के सेंसर बोर्ड की कमेटी ने पास कर फिल्म की रिलीज डेट को अनुमति दी थी. वहीं, वर्तमान अध्यक्ष प्रसून जोशी के लिए सवाल यही उठ रहा है.  आखिर उनके कार्यकाल के दौरान फिल्म 'पद्मावत' के रिलीज होने से क्यों कतरा रहे हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि एक ऑटोनमस बॉडी होने के बाद भी प्रसून जोशी की बात को दरकिनार किया जा रहा है. ऐसे में सेंसर बोर्ड के मायने नहीं रह जाते.

फिल्म 'पद्मावत' से जुड़े विवाद

गौरतलब है फिल्म 'पद्मावती'(अब पद्मावत) एक दिसंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन गुजरात औऱ हिमाचल प्रदेश के चुनाव सिर पर थे लिहाजा विवादित फिल्म को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी गई. इस बीच जानकारों के मुताबिक दो बातें सामने आईं. पहला कयास ये कि केंद्र सरकार के दवाब के चलते फिल्म के रिलीज को इजाजत नहीं मिली और दूसरी बात ये सामने आई कि फिल्म के मेकर्स ने सेंसर बोर्ड को जरूरी दस्तावेज नहीं सौंपे थे जिससे ये पता लगाया जा सके कि फिल्म रियल स्टोरी पर बेस्ड है फिर फिल्म की कहानी काल्पनिक है.

फिल्म की शूटिंग से लेकर इसका हर एक भाग विवादों से घिरा रहा है. यहां तक कि राजस्थान में शूटिंग के दौरान इस फिल्म के डायरेक्टर को पब्लिक का विरोध तो झेलना पड़ा ही था. वहीं, खबरों की मानें तो उस बीच करणी सेना के किसी सदस्य ने थप्पड़ भी मारा था जिसके बाद शूटिंग केंसिल कर लोकेशन बदल दी गई. मामला शांत हुआ ही था कि फिल्म के पोस्टर जारी हुए इसके बाद पद्मावती, राजा रत्न सिंह और खिलजी के पहनावे को लेकर सवाल उठाए गए.

इसके बाद इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया जिसके बाद ये विवाद और गरमा गया. ट्रेलर को प्रशंसा जरूरी मिली लेकिन विवाद कम नहीं हुआ. ट्रेलर के कुछ दिन बाद इस फिल्म का घूमर नाम का गाना रिलीज किया गया, जिसके बाद राजस्थान की महिलाओं ने सवाल उठाए. राजपूतानी महिलाओं ने कहा कि इस फिल्म मे घूमर गाने को गलत तरीके से फिल्माया गया है.

First published: 17 January 2018, 12:52 IST
 
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