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इस विवाद को लेकर बुरे फंसे रजनीकांत, इस राज्य में रिलीज नहीं होगी फिल्म 'काला'

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 May 2018, 9:11 IST

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म 'काला' का नया पोस्टर हाल ही में जारी करते हुए मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया था. इस फिल्म का ट्रेलर तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया गया है. ये फिल्म 7 जून को रिलीज होगी लेकिन ये फिल्म 'काला' कर्नाटक में रिलीज नहीं की जाएगी. 

 

हाल ही में मीडिया से बात करते हुए रजनीकांत ने कहा,"मैं नहीं जानता कि फिल्म को बैन करने के पीछे क्या कारण है. कर्नाटक फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) साउथ इंडियन फिल्मों का हिस्सा है और मुझए लगता है कि वे इसमें दखल देंंगे और किसी बेहतर हल के साथ नजर आएंगे." इसके पहले रजनीकांत की आई फिल्म 'कबाली' ने सिर्फ कर्नाटक से ही 30 करोड़ रुपये की कमाई की थी. जाहिर है कि इस 'काला' के बैन के बाद इस फिल्म के कलेक्शन पर खासा असर पड़ेगा.

 

क्या है मामला-

बता दें कि 10 समूहों ने कन्नड़ फिल्म काउंसिल से इस फिल्म को बैन करने की मांग की है. ये मसला था कि कावेरी मामले में रजनीकांत के दिए गए बयानों से कन्नड़ समूह असंतुष्ट थे. इस मुद्दे पर रजनीकांत ने कर्नाटक सरकार से तमिलनाडु का कावेरी नदी का हिस्सा छोड़ने को कहा था. इसके बाद से ही वहां रजनीकांत के बयानों की आलोचना हो रही थी.

गौरतलब है कि कर्नाटक जिले के कोडागु जिले से निकलने वाली कावेरी नदी तमिलनाडु के पूमपुहार में बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है. इसके पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद है. कावेरी नदी के बेसिन में कर्नाटक का 32 हजार वर्ग किलोमीटर और तमिलनाडु का 44 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका आता है.

 

 

गौरतलब है कि कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कई वर्षों से विवाद है. कावेरी नदी के बेसिन में कर्नाटक का 32 हजार वर्ग किलोमीटर और तमिलनाडु का 44 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका आता है. दोनों ही राज्यों का कहना है कि उन्हें सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है. विवाद के निपटारे के लिए जून 1990 में केंद्र सरकार ने कावेरी ट्राइब्यूनल बनाया था, लंबी सुनवाई के बाद 2007 में फैसला दिया कि हर साल कावेरी नदी का 419 अरब क्यूबिक फीट पानी तमिलनाडु को दिया जाए, जबकि 270 अरब क्यूबिक फीट पानी कर्नाटक को दिया जाए.

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कावेरी बेसिन में 740 अरब क्यूबिक फीट पानी मानते हुए ट्राइब्यूनल ने अपना फैसला सुनाया. इसके अलावा केरल को 30 अरब क्यूबिक फीट और पुड्डुचेरी को 7 अरब क्यूबिक फीट पानी देने का फैसला दिया गया. ट्राइब्यूनल के फैसले से कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल खुश नहीं थे और फैसले के खिलाफ तीनों ही राज्य एक-एक करके सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

First published: 30 May 2018, 15:49 IST
 
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