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'हमारी गलती निकले तो संजय दत्त को फिर भेज देंगे जेल'

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2017, 8:36 IST

पिछले साल जेल से रिहा होने वाले अभिनेता संजय दत्त एक बार फिर मुश्किल में पड़ सकते हैं. महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि अगर पिछले साल अभिनेता की जेल से समय पूर्व हुई रिहाई में जेल के नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उन्हें फिर से जेल भेजा जा सकता है.

महाधिवक्ता आशुतोष कुम्भाकोनी ने अदालत से कहा, 'यदि संजय की रिहाई प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां (माफी और फिर समयपूर्व रिहाई) हैं और अगर हमें लगता है कि संजय दत्त मामले में राज्य ने कुछ नियमों का उल्लंघन किया है, तो हम उन्हें फिर से जेल भेज देंगे.'

आशुतोष ने कहा कि इस मामले में संजय से किसी प्रकार का विशेष सलूक नहीं किया गया था लेकिन अगर अदालत इससे असहमत होती है, तो अदालत उन्हें फिर जेल भेजने का आदेश दे सकती है. न्यायमूर्ति आर. एम. सावंत और न्यायमूर्ति साधना जाधव की पीठ इस मामले में जनहित याचिका की सुनवाई कर रही है. इसी सुनवाई में महाधिवक्ता ने यह बात कही.

हालांकि, अदालत ने कहा कि उसकी ऐसी कोई इच्छा (संजय दत्त को जेल भेजना) नहीं है, लेकिन वह इस बात की जांच करना चाहती है कि इस मामले में नियमों का पालन किया गया था या नहीं? पीठ ने कहा, "हम घड़ी की सुइयों को पीछे नहीं ले जाना चाहते.'

सामाजिक कार्यकर्ता एस. नितिन सतपुते ने पिछली बार अभिनेता को फरवरी, 2016 में जेल से जल्दी रिहा किए जाने पर जनहित याचिका दायर की थी. संजय को अच्छे व्यवहार के लिए उनकी सजा समाप्त होने से आठ माह पहले ही पुणे की यरवदा जेल से रिहा कर दिया गया था.

इसके बाद, 17 जुलाई को राज्य सरकर ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें कहा गया था कि अभिनेता को अच्छे व्यवहार, अनुशासन और विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभागिता के लिए कुछ मौकों पैरोल दी गईं थीं.

अदालत ने यह जानना चाहा है कि अच्छे व्यवहार व आचरण के वे कौन से मानदंड थे जिनकी बदौलत संजय दत्त को बार-बार वह पैरोल और फरलो मिल जाया करती थी जिसे हासिल करना दूसरे बंदियों के लिए बेहद मुश्किल होता है. अदालत ने सरकार से इस पर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था.

First published: 28 July 2017, 8:36 IST
 
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