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48 घंटे जेल में बिताने के बाद सलमान की होगी रिहाई, बिश्नोई समाज जाएगा हाईकोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 April 2018, 17:22 IST

बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के फैंस के लिए बड़ी खबर है. दरअसल, काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को जोधपुर सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है. बता दें कि बुधवार को इस मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा और दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया था. साथ ही इस मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया था.  

भले ही सलमान खान को पचास हजार के मुचलके के बाद शनिवार को जमानत दे दी हो लेकिन अभी काला हिरण शिकार मामले में उनकी मुश्किलें कम नहीं हो रहीं. दरअसल, जैसे ही सलमान खान को जमानत मिली उसके बाद ही बिश्नोई समाज ने एक फैसला लिया जिससे टाइगर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

दरअसल, बिश्नोई समाज ने फैसला किया है कि वो इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख करेंगे. बता दें कि सलमान खान को इस जमानत के लिए 50 हजार का निजी मुचलका भरना पड़ा है जबकि 25-25 हजार के दो बॉन्ड भी भरने पड़े हैं. जमानत के बाद सलमान खान के वकील ने कहा है कि हमें न्याय मिला है.

 
 

कौन है विश्नोई समाज, जो सलमान पर आफत बनके टूटा है

कैच ब्यूरो| Updated on: 7 April 2018, 15:04 IST
 
 

सलमान खान को 20 साल पुराने केस में सजा दिलवाने के पीछे सबसे बड़ा हाथ बिश्नोई समाज का माना जा रहा है. बिश्नोई समुदाय ने जंगल से लेकर अदालत तक की लड़ाई लड़ी है. ऐसा माना जाता है कि बिश्नोई समुदाय में काला हिरन को लेकर भावनात्मक तथ्य जुड़े हुए हैं. बिश्नोई समुदाय काला हिरन को अपने परिवार के सदस्यों की तरह मानते हैं.

बिश्नोई समुदाय मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में रहने वाले वाले बिश्नोई समुदाय की नींव, माना जाता है कि गुरू जाम्बेश्वर ने 1485 में डाली थी और उनके लिए 29 सिद्धांत तय किए थे. बिश्नोई समाज उन्ही 29 सिद्धांतों का पालन करता है. 51 सालों तक उन्होंने अपने उपदेशों से इस समुदाय को शिक्षित किया.

बता दें कि सलमान खान समेत सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली और नीलम पर यह केस लगभग 20 साल पहले 1998 में हुआ था. ये लोग राजश्री प्रोडक्शन के तहत बन रही सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे. एक अक्टूबर 1988 की शाम सभी ने काम खत्म किया और शिकार के लिए निकल गए. इसी रात काकंणी गांव के लोगों ने गोली की आवाज सुनी थी.

First published: 7 April 2018, 15:25 IST
 
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