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1,000 से ज्यादा डॉक्टरों ने PM मोदी को लिखा पत्तर, कहा- ई- सिगरेट पर तुरंत लगाएं बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2019, 10:08 IST

 

24 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के 1,000 से अधिक डॉक्टरों ने इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) को प्रतिबंधित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा है, जिसमें ई-सिगरेट और ई-हुक्का शामिल हैं. ई-सिगरेट, जिसे 'ई-सिग्स', 'वेप्स', 'ई-हुक्का' और 'वेप पेन' भी कहा जाता है, नियमित सिगरेट, सिगार या पाइप की तरह दिखते हैं. कुछ USB फ्लैश ड्राइव, पेन और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की तरह दिखते हैं.

28 अगस्त 2018 को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को ENDS पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक सलाह जारी की थी. मार्च 2019 को मंत्रालय द्वारा नियुक्त स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक पैनल ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें ईएनडीएस पर 251 शोध अध्ययनों का विश्लेषण किया गया.

 

पैनल ने निष्कर्ष निकाला कि ईएनडीएस किसी भी अन्य तंबाकू उत्पाद जितना खराब है और सुरक्षित नहीं है. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में प्रोफेसर, हेड और नेक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा, 'अगर निकोटीन को जहर माना जाए तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी.

केंद्र ने निकोटीन वितरण उपकरणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. जिन डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को लिखा, वे वॉयस ऑफ टोबैको विक्टिम्स (VoTV) अभियान से जुड़े हैं। उनमें से कुछ ने कहा कि उनकी बिरादरी के सदस्य ENDS लॉबी से प्रभावित हो रहे हैं.

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First published: 26 March 2019, 10:08 IST
 
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