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साल 2016: दलाल स्ट्रीट पर आईपीओ का दबदबा

अभिषेक पराशर | Updated on: 7 July 2016, 8:46 IST
QUICK PILL
  • 2016 के पहले सात महीनों में प्राइमरी मार्केट में बुल रन थमता नजर नहीं आ रहा है. पहले सात महीनों में 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में दस्तक दी और इनमें से 8 आईपीओ 50 फीसदी तक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं.
  • आईपीओ की मदद से 11 कंपनियों के जरिये अब तक जुटाई गई रकम पिछले 6 सालों में सबसे अधिक है. जनवरी से जून के बीच 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ की मदद से 7,775 करोड़ रुपये जुटाए.
  • पिछले हफ्ते शुक्रवार को महानगर गैस (एमजीएल) दमदार 28 फीसदी प्रीमियम के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुआ. कंपनी के इश्यू प्राइस की कीमत 421 रुपये प्रति शेयर थी और यह 540 रुपये पर बाजार में सूचीबद्ध हुआ.

पिछले हफ्ते शुक्रवार को महानगर गैस (एमजीएल) दमदार 28 फीसदी प्रीमियम के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुआ. कंपनी के इश्यू प्राइस की कीमत 421 रुपये प्रति शेयर थी और यह 540 रुपये पर बाजार में सूचीबद्ध हुआ. 

2016 के पहले सात महीनों में प्राइमरी मार्केट में बुल रन थमता नजर नहीं आ रहा है. पहले सात महीनों में 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ के साथ प्राइमरी मार्केट में दस्तक दी और इनमें से 8 आईपीओ 50 फीसदी तक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. सबसे कम प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा काउंटर भी कम से कम 20 फीसदी की बढ़त बनाए हुए है.

आईपीओ की मदद से 11 कंपनियों के जरिये अब तक जुटाई गई रकम पिछले 6 सालों में सबसे अधिक है. जनवरी से जून के बीच 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ की मदद से 7,775 करोड़ रुपये जुटाए. 2010 के पहले छह महीनों में 29 कंपनियां आईपीओ के जरिये महज 9,693 करोड़ रुपये ही जुटा पाई थीं.

वहीं पिछले साल इस अवधि में 8 कंपनियों ने बाजार से 3,850 करोड़ रुपये जुटाए थे. अकेले एमजीएल आईपीओ की मदद से 1,039 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रही. 

कंपनी के आईपीओ की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे 65 गुणा अधिक सब्सक्रिप्शन मिला. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट में कंपनी का आईपीओ 73 गुणा सब्सक्राइव हुआ जबकि निजी सेगमेंट इसके शेयरों के लिए 192 गुणा अधिक लोगों ने बोली लगाई. खुदरा सेगमेंट में इसे 6 गुणा अधिक सब्सक्रिप्शन मिला.

जनवरी से जून के बीच 11 कंपनियों ने अपने आईपीओ की मदद से 7,775 करोड़ रुपये जुटाए

महानगर गैस के अलावा क्वेस क्रॉप के  आईपीओ को निवेशकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली. कंपनी का आईपीओ 144.5 गुणा अधिक सब्सक्राइव हुआ. 

शानदार ट्रैक रिकॉर्ड और मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों के बाजार में आने और बाजार नियामक संस्था सेबी (सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की मजबूत निगरानी की वजह से आईपीओ मार्केट को लेकर निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है.

आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां

2016 में आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसका सीधा असर कंपनियों के बैलेंस शीट पर देखने को मिला. कंपनियों की आय अभी भी एक चुनौती बनी हुई है. 

हालांकि इन सभी प्रतिकूल हालातों के बीच बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी ने अभी तक क्रमश: 4 फीसदी और 4.9 फीसदी का रिटर्न दिया है. इससे पहले थाइरोकेयर टेक्नोलॉजीज, टीमलीज और उज्जीवन फाइनेंशियल का आईपीओ क्रमश: 73,66 और 41 गुणा अधिक सब्सक्राइव हो चुका है.

निवेशक फिलहाल बुलियन मार्केट की बजाए इक्विटी मार्केट को तरजीह देते नजर आ रहे हैं. पिछले साल करीब 20 से अधिक  कंपनियों ने आईपीओ की मदद से 16,000 करोड़ रुपये जुटाए थे. साल 2015 पिछले पांच वर्षों में प्राइमरी मार्केट के लिए बेहतरीन साल रहा है.

पिछले साल करीब 20 से अधिक कंपनियों ने आईपीओ की मदद से 16,000 करोड़ रुपये जुटाए थे.

2016 में अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों ने बाजार में दस्तक दी और उनके आईपीओ को निवेशकों का भरपूर समर्थन मिला. अहमदाबाद की ई-रिटेलर्स इंफीबीम के आईपीओ को हालांकि सबसे सुस्त प्रतिक्रिया मिली थी लेकिन अभी यह रिटर्न के मामले में सबसे ऊपर है.

कंपनी का आईर्पीओ फिलहाल 62 फीसदी के प्रीमियम पर ट्रेड कर पर रहा है. कंपनी ने बाजार से 450 करोड़ रुपये जुटाए थे. वहीं उज्जीवन फाइनेंशियल का आईपीओ इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 50 फीसदी के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है जबकि इक्विटास होल्डिंग 41 फीसदी प्रीमियम पर बना हुआ है.

इसके अलावा पराग मिल्क्स एंड फूड 29 फीसदी, थाइरोकेयर टेक्नोलॉजीज 21 फीसदी जबकि नारायण ह्दयालय करीब 20 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है.

नुकसान भी कम नहीं

हालांकि कुछ आईपीओ के लिए 2016 का पहला छह महीना ठीक नहीं रहा. हेल्थकेयर ग्लोबल इंटरप्राइजेज का आईपीओ 1.56 गुणा अधिक सब्सक्राइव हुआ था लेकिन इसने निवेशकों को अभी तक (-) 15 फीसदी से अधिक का नुकसान किया है.  वहीं एंटी वायरस बनाने वाली क्विक हील 14 फीसदी नीचे ट्रेड कर रही है जबकि इसका आईपीओ 11 गुणा अधिक सब्सक्राइव हुआ था. 

बजट के बाद शेयर बाजार में जारी गिरावट के बावजूद आईपीओ मार्केट निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है. सेबी ने मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 25 कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी दी है. इन कंपनियों को आईपीओ से करीब 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है. 

First published: 7 July 2016, 8:46 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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