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300,000 से ज्यादा कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में इनकम टैक्स के निशाने पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 March 2019, 9:51 IST

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर (I-T) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विशेष रूप से नोटबंदी के दौरान रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के रिकॉर्ड से बाहर हुई कंपनियों के बैंक लेनदेन को सत्यापित करें.
टैक्स स्कैनर के तहत अपने वैधानिक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर आरओसी द्वारा 300,000 कंपनियों को हटा दिया जाएगा.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार सीबीडीटी ने गुरुवार को वरिष्ठ आई-टी अधिकारियों को एक निर्देश जारी किया, जिसमें कहा गया कि वे मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के लिए ऐसी कंपनियों के संभावित दुरुपयोग की जांच करें. बोर्ड की इच्छा है कि कर अधिकारी बैंक से जमा / निकासी की पुष्टि करें.

 

इससे पहले CBDT ने आयकर विभाग को डायरेक्ट टैक्स में आई गिरावट के बाद सतर्क किया था. CBDT का कहना है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य लगभग 15% कम है. 26 मार्च को, सीबीडीटी सदस्य (राजस्व) नीना कुमार ने विभाग के सभी क्षेत्रीय प्रमुखों को एक पत्र दिया जिसमें कहा गया था कि कर संग्रह के आंकड़ों की समीक्षा की गई है और यह देखा गया है कि 12,00,000 करोड़ के बजट संग्रह लक्ष्य के विपरीत केवल 10,21,251 करोड़ का लक्ष्य 85.1 प्रतिशत 23 मार्च को एकत्र किया गया."

 डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में आयी इतनी बड़ी गिरावट, CBDT ने किया सतर्क

First published: 29 March 2019, 9:50 IST
 
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