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एटीएम में देश की सबसे बड़ी सेंधः जानिए अपने कार्ड सुरक्षित रखने का आसान तरीका

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 21 October 2016, 13:56 IST

देश के 32 लाख डेबिट कार्ड होल्डर्स की डिटेल लीक हो जाने के बाद हर ओर संशय का माहौल है. बैंकों के खाताधारक परेशान हैं कि कहीं उनके कार्ड की डिटेल्स भी लीक नहीं हो गईं हैं. 

एसोचैम और प्राइस वाटरहाउस कूपर्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों द्वारा जालसाजी की शिकायतों के 65 फीसदी मामले तकनीकी से जुड़े हैं. अप्रैल से दिसंबर 2014 तक ही एटीएम औरर क्रेडिट कार्डों से जुड़े 9,300 मामले सामने आए थे.

लगातार बदलता रहेगा क्रेडिट-डेबिट कार्ड का सिक्योरिटी कोड, रोकेगा फ्रॉड

दिलचस्प बात है कि जून 2016 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सभी बैंकों से कहा था कि वे ऑनलाइन खतरों से निपटने के लिए साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी को तुरंत लागू करें. लेकिन फिर भी लगता है कि बैंकों ने यह लागू करने में देर कर दी.

ऐसे वक्त में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हर बैंक यूजर चाहे वो एटीएम-डेबिट कार्ड इस्तेमाल करता हो या फिर क्रेडिट, सुरक्षा के पुख्ता उपाय जरूर इस्तेमाल करे ताकि खुद को फ्रॉड का शिकार होने से रोक सके. जानिए कैसे खुद को आप कर सकते हैं इनसे सुरक्षितः

  • आपके डेबिट कार्ड से बड़े लेनदेन न हो सकें इसके लिए अपने कार्ड की डेली ट्रांजैक्शन अपर लिमिट तय कर दें.
  • नियमित रूप से अपना पिन बदलते रहें और इसे गुप्त रखें.
  • नियमित रूप से अपने बैंक की स्टेटमेंट को जांचें और हर लेनदेन पर नजर रखें.
  • किसी मॉल या अंजानी जगहों पर एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने से बचें.
  • एटीएम मशीन का इस्तेमाल करते वक्त कीपैड को दूसरे हाथ से ढंक लें.
  • दूसरे बैंकों के एटीएम इस्तेमाल करने से जितना हो  सके बचें.
  • हमेशा कोशिश करें कि अपने ही बैंक का एटीएम इस्तेमाल करें.
  • बैंक में अपने कॉन्टैक्ट नंबर और ईमेल का अपडेट करें ताकि किसी भी ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिले.

अगर आप फ्रॉड के शिकार हो गए हैं तो क्या करना चाहिएः

  • तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन करके कार्ड को ब्लॉक करवाएं.
  • आपके कार्ड से निकाली गई रकम की जानकारी बैंक को दें.
  • अगर आपके अकाउंट से अनधिकृत रकम निकली है तो इसकी जिम्मेदारी बैंक की होती है.
  • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाएं और एक कॉपी अपने पास रखें.
  • जरूरत पड़ने पर ड्यूज को सैटल करने के लिए आप बैंक के पास कानूनी नोटिस भी भेज सकते हैं.
  • अगर बैंक आपके मामले पर गौर नहीं करता तो 30 दिनों के अंदर बैंकिंग लोकपाल से शिकायत करें.
  • अगर लोकपाल के फैसले से भी आपको निराशा हाथ लगती है तो आरबीआई के डिप्टी गवर्नर से संपर्क करें.
  • नेशनल कंज्यूमर कमीशन भी आपकी शिकायतों के निपटारे के लिए एक मंच है.

फिलहाल वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सिस्टम को क्रॉस चेक करें और अगर किसी डेबिट कार्ड फ्रॉड की जानकारी मिलती है तुरंत उसे ब्लॉक करें. मंत्रालय ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे सभी ऐसे कार्डों को मुफ्त में बदलकर ग्राहकों को दें, जिनकी सूचनाएं लीक हो चुकी हैं.

First published: 21 October 2016, 13:56 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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