Home » बिज़नेस » 5G: Modi government will give trial spectrum to Chinese company Huawei despite US pressure
 

5G: अमेरिकी दबाव के बावजूद चीनी कंपनी Huawei को मोदी सरकार देगी ट्रायल स्पेक्ट्रम

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 December 2019, 14:30 IST

टेलिकॉम ऑपरेटरों और उपकरण विक्रेताओं ने मंगलवार को देश में 5G परीक्षणों के लिए रोडमैप पर चर्चा करने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की. इस मीटिंग की अध्यक्षता दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने की. बैठक में भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, रिलायंस जियो और हुआवेई सहित सभी उपकरण विक्रेताओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया. एक रिपोर्ट के अनुसार इस मीटिंग में व्यापक रोडमैप पर चर्चा की गई. दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार द्वारा चीन के हुआवेई टेक्नोलॉजीज कंपनी लिमिटेड सहित सभी आवेदकों को 5जी परीक्षणों में भाग लेने की अनुमति दी गई.

सरकार का यह कदम हुआवेई के लिए राहत के रूप में आया है. सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिका में कंपनी जांच चल रही है. अमेरिका ने दावा किया है कि हुआवेई के 5 जी उपकरण का इस्तेमाल चीन दूसरे देशों की जासूसी करने के लिए कर सकता है. DoT अपने लाइसेंसधारियों को ट्रायल स्पेक्ट्रम आवंटित करेगा, जिनमें Reliance Jio Infocomm Ltd, Bharti Airtel Ltd और Vodafone Idea Ltd, Nokia, Huawei, Ericsson और Samsung शामिल हैं. हुवेई ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है.

भारत हुआवेई के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जहां उसने भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए 4जी नेटवर्क उपलब्ध करवाए हैं. हुआवेई ने सितंबर में कहा था कि भारत में कंपनी पर प्रतिबंध लगाने से 5जी सेवाओं के दो-तीन साल की देरी होगी. हुवावे को 5G ट्रायल में हिस्सा लेने का भारत का फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी अमेरिका के तीव्र दबाव से जूझ रही है.


ऑस्ट्रेलिया और जापान ने भी हुआवेई पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि कनाडा और न्यूजीलैंड भी ऐसा कर सकती है. जबकि रूस, इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, तुर्की और सऊदी अरब ने हुआवे का स्वागत किया है.

5G: अमेरिकी दबाव के बावजूद चीनी कंपनी Huawei को मोदी सरकार देगी ट्रायल स्पेक्ट्रम

First published: 31 December 2019, 14:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी