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हर साल 600-750 भारतीय कंपनियों का किया जाता है अधिग्रहण : CII-PwC रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 September 2018, 16:34 IST

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में 200 करोड़ रुपये के औसत लेनदेन के आकार के साथ 600-750 भारतीय कंपनियां सालाना अधिग्रहित की गई हैं. सीआईआई-पीडब्ल्यूसी रिपोर्ट 'वैल्यू क्रिएशन: लेइंग द फाउंडेशन फॉर मर्जर्स एंड एक्विजिशन के मुताबिक, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में 3,400 से अधिक भारतीय कंपनियां पिछले दशक (2010-2018) में एमएंडए में सक्रिय रही हैं.

रिपोर्ट के अनुसार "मौजूदा बीएसई 500 कंपनियों द्वारा 6,000 से अधिक एमएंडए लेनदेन (संचयी, वित्त वर्ष 10-18), 900 किए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसई 500 कंपनियों के लेनदेन में कुल एमएंडए वॉल्यूम का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन इसका मूल्य से 52 प्रतिशत से अधिक हैं.

 

सीआईआई-पीडब्ल्यूसी अध्ययन में यह भी ध्यान दिया गया है कि भारत ने क्रमशः पिछले तीन, पांच और दस वर्षों में एमएसएंड गतिविधि 123.7, 182.6 और 348.3 से अधिक की है, जो 13.2, 13.7 और 4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है.

साथ ही इनबाउंड एम एंड ए देश में कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के 25, 23 और 29 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है. 207-18 में एमएंडए कुल सकल पूंजी निर्माण का अकेला हिस्सा 6 प्रतिशत था. उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एमएंडए सौदों के मूल्य में वृद्धि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 10 गुना बढ़ी है, जबकि जीडीपी ने पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है.

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First published: 9 September 2018, 16:33 IST
 
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