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कंपनियों के मर्जर से टेलीकॉम सेक्टर में जा सकती हैं 90 हजार नौकरियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2018, 14:17 IST

टेलीकॉम सेक्टर में इस साल नौकरियां जाने का सिलसिला दोगुना हो सकता है. दूरसंचार उद्योग में चल रहे विलय और अधिग्रहण के कारण दूरसंचार कंपनियों में नौकरियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है. पिछले 12-18 महीनों में इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नौकरियों में कमी हुई हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार अब औसतन एक टेलीकॉम सर्कल में केवल छह ऑपरेटर हैं, जो दो साल पहले 10 थे. सीआईईएल एचआर की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल 2017 में गई 40,000 नौकरियों की तुलना में पहली तीन तिमाहियों में लगभग 80,000 से 90,000 नौकरियां जा सकती हैं.

टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनियों वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के बीच मर्जर की बातचीत चल रही है. अगर यह सौदा सफल होता है तो यहां 5000 नौकरियां तुरंत चली जाएगीं. इसी तरह टेलीनॉर इंडिया और टाटा टेलीसर्विसेज के कर्मचारियों को नौकरी के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि भारती एयरटेल इन कंपनियों का अधिग्रहण करना चाहती हैं.

जैसे ही बड़ी कंपनियां अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करती हैं, छोटी कंपनियों के कर्मचारी नौकरियों की तलाश शुरू करते हैं और जूनियर या एंट्री लेवल के कर्मचरियों को यह सेक्टर ही छोड़ देना पड़ता है. 

इससे पहले सीआईईएल एचआर ने भी अपनी रिपोर्ट में माना था नौकरियां जाने का आंकड़ा अगले छह-नौ महीने तक जारी रह सकता है. यही नहीं इस आंकड़े का 80,000-90,000 तक पहुंचने की उम्मीद है.

कोच्चर के अनुसार के अनुसार नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तहत आने वाले दिनों में जॉब की डिमांड बढ़ेगी. खासतौर से इमर्जिंग टेक्नोलॉजी मसलन मशीन टु मशीन कम्युनिकेशंस, टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रा और सर्विसेज से डिमांड बढ़ेगी. आने वाले दिनों में देश में मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी बढ़ने का अनुमान है.

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First published: 29 April 2018, 14:17 IST
 
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