Home » बिज़नेस » According to the Reserve Bank of India data, banks shut down 2000 ATMs in various locations in the 10 months between May 2017 and February 2
 

बैंक क्यों कर रहे हैं एटीएम बंद, 2000 से ज्यादा ATM हुए बंद

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 May 2018, 19:00 IST

भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों ने मई 2017 और फरवरी 2018 के बीच 10 महीनों में विभिन्न स्थानों पर 2000 एटीएम बंद कर दिए है. एटीएम बंद करने की वजह ऑपरेटिंग कॉस्ट में बढ़ती लागत को बताया जा रहा है. बैंकों के ऑनसाइट एटीएम की कुल संख्या मई 2017 में लगभग 110,116 थी जो कि  फरवरी 2018 तक घटकर 107,630 हो गई.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ऑफसाइट एटीएम की संख्या में मामूली वृद्धि देखी गई. मई 2017 और फरवरी 2018 के बीच स्टेट बैंक की ऑनसाइट एटीएम की संख्या 29,150 से काम होकर 26,505 हो गई. जबकि इसी टाइम पीरियड में ऑफसाइट एटीएम की संख्या  2 9, 917 से बढ़कर 32,680 हो गई.

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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कुल 27 ऑनसाइट और 317 ऑफसाइट एटीएम बंद कर दिए गए. जबकि केनरा बैंक ने 189 ऑनसाइट और 808 ऑफसाइट एटीएम कम कर दिए हैं. इस समय अवधि के दौरान बैंक ऑफ इंडिया ने 108 ऑनसाइट और 100 ऑफसाइट एटीएम बंद कर दिए. रिज़र् बैंक ऑफ़ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 655 ऑनसाइट और 467 ऑफसाइट एटीएम बंद कर दिए गए.

बीएस की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक नए ATM की स्थापना और रखरखाव की लागत को भी कम कर रहे हैं. पहले एक नए एटीएम लगाने में लगभग 500,000 रुपये खर्च होते थे. जबकि अब बैंक 50,000-60,000 रुपये कम में  एटीएम सेट कर रहे हैं.

First published: 7 May 2018, 19:00 IST
 
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