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टाटा को फायदा, अडाणी-अंबानी के अच्छे दिन नहीं आए

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2016, 18:15 IST
(पीटीआई)

26 मई को मोदी सरकार दो साल पूरे करने जा रही है. अच्छे दिनों के वादे पर दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई भारतीय जनता पार्टी के दो सालों के कार्यकाल में देश के 15 बड़े कॉरपोरेट घरानों के बाजार मूल्य में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है.

26 मई, 2014 को मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते वक्त देश के 15 बड़े कॉरपोरेट घरानों का बाजार मूल्य 37.44 लाख करोड़ रुपये था, जो घटकर अब 31 लाख करोड़ रुपये रह गया है.

नुकसान झेलने वाली कंपनियों में अंबानी, अडाणी, जिंदल और वेदांता समूह सबसे ऊपर हैं. दूसरी ओर टाटा, भारती एयरटेल, बिड़ला, एचसीएल जैसी कंपनियां मुनाफे में रही हैं.

आपको बता दें कि इन 15 कंपनियों की कुल संपदा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्टेड सभी कंपनियों की कुल संपत्ति का एक तिहाई है.  बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार मूल्य फिलहाल 96 लाख करोड़ रुपये है.

गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी ग्रुप की संपत्ति में पिछले दो सालों में सबसे ज्यादा 51 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. अडाणी ग्रुप को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इस ग्रुप की चार कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 57,150 करोड़ रुपये है. जबकि 26 मई 2014 में इनमें से महज तीन लिस्टेड कंपनियों का बाजार मूल्य 1,17,388 करोड़ रुपये था.

इसके अलावा अंबानी ग्रुप के बाजार मूल्य में 15 फीसदी, वेदांता के बाजार मूल्य में 43 फीसदी, जिंदल समूह के बाजार मूल्य में 31 फीसदी और अनिल अंबानी की कंपनियों के बाजार मूल्य में 44 फीसदी की गिरावट आई है. अनिल अंबानी की कंपनी एडीएजी का बाजार मूल्य दो साल के दौरान 44 फीसदी कम होकर 49,081 करोड़ रुपये रह गया है.

वहीं टाटा समूह के बाजार मूल्य में 68 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. टाटा के अलावा भारती एयरटेल के बाजार मूल्य में 28 हजार करोड़ रुपये और एचसीएल के बाजार मूल्य में करीब 7 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है.

First published: 25 May 2016, 18:15 IST
 
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